टिकारी थाना के समीप लाखों रुपए की लागत से बनाई गई पेयजल सुविधा केंद्र दुकानदारो की चढ़ा भेंट

विश्वनाथ आनंद ।
गया( बिहार)- एक तरफ गया जिला में लू एवं गर्म हवा का तापमान परवान पर है. वहीं दूसरी तरफ लगातार तापमान बढ़ने से जमीन से पानी का जलस्तर भी काफी दूर हो गया है. ऐसी स्थिति में गयावासियो के सामने पेयजल संकट गहराने लगा है. गया के जिला पदाधिकारी ने पीएचडी विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों को लू से बचने एवं पेयजल संकट दूर करने को लेकर कई निर्देश व टिप्स की जानकारी भी साझा किया है. इसके बावजूद भी कुछ सरकारी विभाग आदेश की पालन करने की जगह नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है. वही संबंधित प्रशासन मूकदर्शक बनकर खड़ा है. बताते चलें कि गया जिला के टिकारी थाना के समीप यात्रियों एवं राहगीरों को पेयजल संकट से राहत देने के लिए नगर परिषद ने लाखों रुपए खर्च कर पेयजल सुविधा केंद्र बनाया था. परंतु नगर परिषद के पदाधिकारी एवं कर्मचारियों के लापरवाही के कारण पेयजल सुविधा केंद्र दुकानदारों के भेट चढ़ गया. और पूरी तरह से पेयजल सुविधा केंद्र स्थानीय दुकानदारों के लिए सामान रखने का केंद्र बन गया. जबकि इसी रास्ते से स्थानीय प्रशासन से लेकर नगर परिषद के पदाधिकारी एवं कर्मचारी प्रतिदिन आया जाया करते हैं. तथा उसी स्थान पर थाना मौजूद है. इसके बावजूद भी प्रशासन मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रही है.

स्थानीय लोगों की बात सच मानी जाए तो कहना है कि दुकानदारों द्वारा स्थानीय प्रशासन को मोटी रकम दी जाती है जिसका परिणाम है कि दुकानदार खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए प्रशासन को खुली चुनौती दे रही है. जबकि थाना के इर्द गिर्द दुकान लगाना सख्त वर्जित है. अब सवाल उठता है कि दुकानदार किसके मर्जी से थाना के समीप दुकान एवं पेयजल संकट दूर केंद्र को कब्जे में कर रखा है. ऐसे कई सवाल हैं जो टिकारीवासियो के जेहन में कौध रही है . सबसे बड़ी बात है कि जिला प्रशासन ने पेयजल संकट को देखते हुए संबंधित पदाधिकारी को कड़ी निर्देश दिया है की खराब चापाकल को शीघ्र मरम्मत कर चालू किया जाए. उन्होंने चापाकल मरम्मत टीमों को क्षेत्र में रवाना भी किया है. ताकि लोगों को पेयजल संकट से राहत मिल सके. जिला प्रशासन ने कई स्थानों पर पेयजल संकट से निजात दिलाने के लिए पियाउ केंद्र बनाया. जहां लोगों को पेयजल संकट से राहत मिल सके. कुल मिलाकर कहा जाए की टिकारी थाना के समीप प्याऊ केंद्र बना दुकानदारों का सामान रखने का केंद्र. ऐसी स्थिति में क्या स्थानीय प्रशासन ,जिला प्रशासन दुकानदारों पर कार्रवाई करेगी. या फिर मनमानी करने के लिए स्वतंत्र रूप से छोड़ देगी. यह तो आने वाला वक्त बताएगा लेकिन जिस प्रकार से दुकानदारों ने राजगीरों के लिए बनाया गया प्याऊ केंद्र को अतिक्रमण कर समान केंद्र बना दिया जो सवाल के घेरे में जरूर है.