सामाजिक कार्यकर्ता हिमांशु शेखर ने जिला प्रशासन एवं पर्यटक विभाग से माँ तारा देवी महोत्सव में स्मारिका प्रकाशन की किया मांग
विश्वनाथ आनंद .
टिकारी (बिहार)-अंतरराष्ट्रीय बौद्ध महोत्सव 2026 के अवसर पर प्रकाशित स्मारिका में स्थानीय लेखक एवं सामाजिक कार्यकर्ता हिमांशु शेखर द्वारा लिखित आलेख “गया में ग्रामीण पर्यटन की असीम संभावनाएं” को स्थान दिया गया है। इस आलेख में गया जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन विकास की संभावनाओं, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा रोजगार सृजन की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की गई है।हिमांशु शेखर ने कहा कि राज्य के कई ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों पर आयोजित महोत्सवों में स्मारिकाओं का प्रकाशन किया जाता है, जो स्थानीय इतिहास और संस्कृति के संरक्षण का सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि संसद आदर्श ग्राम केसपा में विगत वर्ष से आयोजित हो रहा माँ तारा देवी महोत्सव अपने मूल उद्देश्य से भटकता प्रतीत हो रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में यह महोत्सव केवल विज्ञापन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित होकर रह गया है। बौद्ध महोत्सव की तर्ज पर माँ तारा देवी महोत्सव में भी स्मारिका का प्रकाशन किया जाना चाहिए। रामेश्वर उच्च विद्यालय बेलागंज के प्राचार्य अबरार आलम ने कहा है कि,स्मारिका से स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और क्षेत्र से जुड़ी ऐतिहासिक जानकारियाँ सामने आएंगी, जिससे ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।डॉ शत्रुघ्न दांगी ने कहा है कि कि स्मारिका के माध्यम से नई पीढ़ी और आने वाली पीढ़ियों को क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत की जानकारी प्राप्त होगी। इस संबंध में उन्होंने महोत्सव आयोजन समिति एवं प्रशासन से ठोस पहल करने की मांग की है।