कॉलेज में जल निकासी की समस्या पर छात्रों का उग्र आक्रोश, समाधान नहीं हुआ तो होगा डीएम कार्यालय का घेराव

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DHIRAJ.

गया। शहर के एक महाविद्यालय में पिछले तीन वर्षों से जारी जल निकासी पानी निकासी की गंभीर समस्या को लेकर अब छात्रों का आक्रोश उबाल पर है। बार-बार शिकायतों, ज्ञापन सौंपने और संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से छात्र खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
महाविद्यालय परिसर में जलजमाव के कारण न केवल पढ़ाई बाधित हो रही है, बल्कि छात्रों को गंदगी, दुर्गंध और अस्वस्थ वातावरण का भी सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जिससे कक्षाओं तक पहुंचना कठिन हो जाता है और पूरे शैक्षणिक माहौल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
छात्रों ने बताया कि उन्होंने पूर्व में एक विस्तृत मांग पत्र महाविद्यालय प्रशासन को सौंपा था, जिसमें पंखा-लाइट, शुद्ध पेयजल, साफ-सफाई, शौचालय, सुरक्षा, प्रयोगशालाएं, खेल मैदान, महिला छात्रावास, कैंटीन, नियमित कक्षाएं एवं चहारदीवारी की मरम्मत जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुधारने की मांग की गई थी। प्रशासन द्वारा कुछ बिंदुओं पर कार्रवाई का दावा किया गया, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अधिकांश समस्याएं अब भी जस की तस बनी हुई हैं।

प्रमुख मांगें
• सभी कक्षाओं में पंखा, लाइट एवं शुद्ध पेयजल की व्यवस्था
• नियमित सफाई एवं स्वच्छ वातावरण
• स्वच्छ एवं पर्याप्त शौचालय
• 75% उपस्थिति अनिवार्यता का सही क्रियान्वयन
• प्रयोगशालाओं में उपकरणों की उपलब्धता
• खेल मैदान का विकास
• सुरक्षा व्यवस्था एवं CCTV कैमरे
• महिला छात्रावास चालू करना
• वोकेशनल कोर्स की नियमित कक्षाएं
• बंद कैंटीन को चालू करना
• शिक्षक-कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति
• परिसर की साफ-सफाई
• चहारदीवारी की मरम्मत
मानपुर नगर मंत्री आयुष शर्मा ने तीखे शब्दों में प्रशासन पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा,
“यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि पिछले तीन वर्षों से हम छात्र लगातार जल निकासी जैसी मूलभूत समस्या को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है, समाधान नहीं है। कॉलेज परिसर में जगह-जगह पानी जमा रहता है, जिससे छात्रों को गंदगी और बदबू के बीच पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ रहा है। यह स्थिति किसी भी शिक्षण संस्थान के लिए शर्मनाक है। हमने शांतिपूर्ण तरीके से कई बार ज्ञापन दिया, अधिकारियों से मिले, लेकिन हमारी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया है। अब छात्र मजबूर हैं कि यदि जल्द ही स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो हम सब एकजुट होकर जिला अधिकारी कार्यालय का घेराव करेंगे और बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे।”
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नंदनी गुप्ता भी अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा,
“कॉलेज में जलजमाव केवल एक असुविधा नहीं, बल्कि यह छात्रों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। गंदे पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ता है, जिससे बीमारियों का खतरा बना रहता है। पढ़ाई का माहौल पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। हमने कई बार प्रशासन को इस बारे में अवगत कराया, लेकिन हर बार केवल औपचारिकता निभाई गई। अगर अब भी प्रशासन नहीं जागा, तो छात्र मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।”
कॉलेज नेता यशवंत कुमार ने कहा छात्राओं की समस्याओं को सामने रखते हुए कहा,
“जलजमाव की समस्या का सबसे अधिक असर छात्राओं पर पड़ता है। गंदे पानी से होकर कॉलेज आना-जाना बेहद कठिन हो जाता है, जिससे कई बार छात्राएं कॉलेज आने से भी हिचकती हैं। सुरक्षा और स्वच्छता दोनों ही प्रभावित होती हैं। हमने कई बार अपनी बात रखी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब समय आ गया है कि हम अपनी आवाज को और बुलंद करें। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो छात्राएं भी आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगी और इसे और व्यापक बनाएंगी।”
अंत में छात्रों ने एक स्वर में प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल निकासी की समस्या सहित सभी बुनियादी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जिला अधिकारी (डीएम) कार्यालय का घेराव कर व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस और स्थायी समाधान चाहिए, ताकि महाविद्यालय में एक स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित हो सके।
इस मौके पर प्रदेश छात्रा प्रमुख प्रिया सिंह, विश्विद्यालय सह संयोजक मैक्स अवस्थी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विनायक , गया महानगर मंत्री आदित्य मिश्रा, सहमंत्री रितिक रौशन, राहुल सिंह, यशवंत कुमार,नंदनी गुप्ता, सूर्यप्रताप, शाश्वत,शशिकांत,बालमुकुंद, साहिल,अजीत, नैन्सी, चांदनी कुमारी, प्रियंका, अर्णव, सोनू, अमन, लक्ष्मीकांत, विशाल, हर्ष आदि कार्यकता उपस्थित रहे हैं।