डॉ. विवेकानंद मिश्र की अध्यक्षता में भाषा स्वाभिमान और सांस्कृतिक अस्मिता का जीवंत उत्सव

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विश्वनाथ आनंद .
गयाजी( बिहार )-गया जी में अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के पावन अवसर पर एक गरिमामयी सभा का आयोजन किया गया, जिसमें नगर के प्रबुद्धजन, साहित्यकार, शिक्षक और समाजसेवी बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्राह्मण महासभा तथा कौटिल्य मंच के अध्यक्ष डॉ. विवेकानंद मिश्र ने की। संपूर्ण वातावरण भाषा प्रेम,सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय आत्मगौरव से ओतप्रोत रहा।अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. विवेकानंद मिश्र ने कहा कि मातृभाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक सांस्कृतिक स्त्रोत का एकमात्र आधार एवं आत्मा की अभिव्यक्ति है। जिस समाज की मातृभाषा सशक्त होती है, वही समाज बौद्धिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध होता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे आधुनिक ज्ञान-विज्ञान को आत्मसात करते हुए भी अपनी मातृभाषा के प्रति गर्व और प्रतिबद्धता बनाए रखें। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा, प्रशासन और सामाजिक जीवन में मातृभाषा को प्राथमिकता देना समय की आवश्यकता है, तभी वास्तविक आत्मनिर्भरता संभव है।सभा में आचार्य राधामोहन मिश्र माधव ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भाषा केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि पीढ़ियों की तपस्या और संस्कारों की विरासत है। यदि हम अपनी मातृभाषा को उपेक्षित करेंगे तो हमारी जड़ों में ही दुर्बलता आ जाएगी।

उन्होंने साहित्य सृजन और लोकभाषाओं के संरक्षण पर विशेष बल दिया तथा युवाओं को भारतीय भाषाओं के अध्ययन के लिए प्रेरित किया।आचार्य सचिदानंद मिश्र ने मातृभाषा की वैज्ञानिकता और सरलता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बालक का बौद्धिक विकास सर्वाधिक सहज रूप में मातृभाषा के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने ग्रामीण अंचलों में मातृभाषा आधारित शिक्षा को सुदृढ़ करने की आवश्यकता बताई और समाज से आग्रह किया कि घर-परिवार में भी शुद्ध एवं संस्कारित भाषा के प्रयोग को बढ़ावा दें।कार्यक्रम के अंत में सर्वसम्मति से यह संकल्प लिया गया कि गया जी में समय-समय पर भाषाई जागरूकता के ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और नई पीढ़ी को अपनी भाषा, साहित्य और संस्कृति से जोड़ने का सतत प्रयास किया जाएगा।इस प्रकार अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस का यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न रहकर, भाषा के प्रति जागरण और आत्मगौरव का प्रेरक उत्सव सिद्ध हुआ।इस अवसर पर प्रमुख लोगों में खुलुद फातिमा मोहम्मद याहिया मृदुला अजय मिश्रा मिश्रा जगन गिरी शंभू गिरी रंजीत पाठक पवन मिश्रा विश्वजीत चक्रवर्ती नम्रता ओझा अरुण ओझा अमृता कुमारी अमन कुमार रंजू कुमार विजय किशोर भूखन राम अमृता कुमारी रंजन पांडे अनिता कुमारी सुनील पाठक अमरनाथ पांडे दिव्यांशु मिश्रा रजनी शर्मा रंजना पांडे शिवजी कुमार कौशल उपाध्याय राणा रंजन सिंह अवधेश कुमार सोनी अनु देवी सुनील ठाकुर प्रीति पांडे नीलम मिश्रा प्रियांशु राजकुमार मांझी निकिता पांडे आदर्श पांडे नम्रता ओझा राम भवन यादव उषा देवी ज्योति मिश्रा गौतम राज दुबे रजत भारद्वाज डॉ सुरेंद्र कुमार मोहम्मद विजय किशोर किरण देवी अजय मिश्रा सुनील कुमार अभय सिंह