विकासशील अर्थव्यवस्था के लिए सजग नेतृत्व: आईआईएम बोधगया ने ई-एमबीए कार्यक्रम किया आरंभ

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-प्रथम बैच में शीर्ष एमएनसी, पीएसयू और सरकारी क्षेत्र के पेशेवर; उद्योग और शैक्षणिक जगत के दिग्गजों ने दी उपस्थिति.
विश्वनाथ आनंद
गया जी (बिहार )-आईआईएम बोधगया ने 2025-27 बैच के लिए परिसर में आयोजित भव्य स्वागत समारोह के साथ अपने प्रथम एग्ज़िक्यूटिव एमबीए(ईएमबीए) कार्यक्रम का शुभारंभ किया।आईआईएम बोधगया का ईएमबीए कार्यक्रम कामकाजी पेशेवरों को जागरूक एवं सामाजिक रूप से जिम्मेदार नेतृत्व के लिए तैयार करता है। विशेष रूप से तैयार किए गए पाठ्यक्रम और शिक्षण पद्धति के माध्यम से यह अकादमिक कठोरता और उद्योग की लचीली ज़रूरतों का संगम प्रस्तुत करता है।वेंट इंडिया के सीईओ श्री निनाद गाडगिल और बीओडी कंसल्टिंग में सीनियर पार्टनर श्री सिद्धार्थ बलकृष्ण, साथ ही निदेशक आईआईएम बोधगया, प्रोफेसर विनीता सहाय, उद्घाटन समारोह में प्रमुख वक्ता थे, जिन्होंने नेतृत्व, नवीनता और तेजी से बदलते वैश्विक व्यापार परिदृश्य को नेविगेट करने पर मूल्यवान दृष्टिकोण साझा किए।इस अवसर पर प्रोफेसर सहाय ने कहा कि संस्थान भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऐसे कार्यक्रम बना रहा है, जो शैक्षणिक उत्कृष्टता और उद्योग की प्रासंगिकता का संतुलन रखते हैं।

उन्होंने बताया कि ईएमबीए की शुरुआत आईआईएम बोधगया के उस मिशन को दर्शाती है, जिसका उद्देश्य संगठनों और समाज दोनों में सकारात्मक बदलाव ला सकें।सभा को संबोधित करते हुए, श्री निनाद गाडगिल ने सभी से आग्रह किया कि वे अपने शीर्षकों द्वारा नहीं, बल्कि अपने काम, आदतों, और दूसरों की वृद्धि पर उनके प्रभाव के द्वारा स्वयं को परिभाषित करें, जबकि श्री सिद्धार्थ बालकृष्ण ने अधिक प्रभाव लाने में स्पष्टता और सटीकता के महत्व की प्रशंसा की।एग्ज़िक्यूटिव एमबीए कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रोफेसर मनोज कुमार ने आगे बताया कि ईएमबीए कार्यक्रम को कामकाजी पेशेवरों को उनके नेतृत्व यात्रा को तेज करने के लिए तैयार किया गया है। यह उन्हें व्यापक व्यावसायिक समझ, रणनीतिक सोच और सहअध्ययन का अनूठा अनुभव प्रदान करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत, जो दुनिया की चौथी सबसे बड़ी और सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन चुका है, को अब नए और दूरदर्शी व्यावसायिक नेताओं की आवश्यकता है।
पहली ई .एम.बी. ए कक्षा में 3 से 21 वर्ष के कार्य अनुभव वाले 50 पेशेवरों का एक विविध मिश्रण शामिल है, जो विभिन्न क्षेत्रों में उद्योगों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसमें डेलॉइट, पी डब्ल्यू सी, एक्सेंचर, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एन.टी.पी.सी., अल्ट्राटेक सीमेंट, गोदरेज प्रॉपर्टीज, वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी, अपोलो टायर्स, सिमेन्स टेक्नोलॉजीज, इंडियन बैंक, महाराष्ट्र बैंक और हिल्टन शामिल हैं।इस कार्यक्रम में आई.आई.एम. बोधगया के प्रतिष्ठित एम.बी. ए कार्यक्रम के संकाय और छात्रों की भी उत्साहजनक भागीदारी देखी गई, जिन्होंने वरिष्ठ उद्योग नेताओं और पहले ई .एम.बी. ए बैच के सफल पेशेवरों द्वारा साझा किए गए विचार के प्रति अपने अनुभवों को साझा किया, जिससे आपसी शिक्षा और सहयोग को बढ़ावा मिला। इस उपलब्धि के साथ आईआईएम बोधगया ने खुद को एक ऐसे संस्थान के रूप में स्थापित किया है, जो शैक्षणिक गुणवत्ता और उद्योग की जरूरतों को संतुलित करते हुए आने वाले कल के नेतृत्व को गढ़ता है।

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