बिहार विधानसभा अध्यक्ष द्वारा गया जिला में औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से संबंधित बैको एवं अधिकारियों को निर्देश
DHIRAJ.
गया जी।गया जिला अतिथि गृह सभागार में आज औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक की अध्यक्षता बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने की, जिसमें अग्रणी जिला प्रबंधक पीएनबी बैंक, उद्योग विस्तार पदाधिकारी एवं स्थानीय व्यवसायी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य विषय औद्योगिक कॉरिडोर एवं नई उद्योग नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर केंद्रित रहा है।इस अवसर पर डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि यह बिहार के लिए गौरव का विषय है कि केंद्र की मोदी सरकार के सहयोग से राज्य में औद्योगिक विकास को नई दिशा मिल रही है। उन्होंने बताया कि देश के 12 राज्यों में विकसित हो रहे औद्योगिक गलियारे में गया जिला भी शामिल है। डोभी क्षेत्र में लगभग 1070 एकड़ भूमि पर औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
नई उद्योग नीति का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य सरकार निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कई प्रोत्साहन दे रही है। इसके अंतर्गत उद्योगों को भूमि उपलब्ध कराने के साथ-साथ बिजली की सुविधा नि:शुल्क दी जा रही है तथा जीएसटी में भी विशेष छूट प्रदान की जा रही है। इस नीति के तहत बड़े उद्योगों के साथ-साथ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को भी विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
डॉ. कुमार ने जानकारी दी कि श्याम स्टील द्वारा 5000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है, वहीं नवादा जिले में अदानी समूह द्वारा एसीसी सीमेंट संयंत्र का शिलान्यास हो चुका है और कार्य प्रगति पर है। गुरुआ क्षेत्र में पूर्व में बंद पड़ी शुगर मिल की भूमि का पुनः उपयोग कर वाहन उद्योग स्थापित किया गया है, जो वर्तमान में सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है।उन्होंने कहा कि औद्योगिक गलियारे में देश की बड़ी-बड़ी कंपनियां निवेश कर रही हैं, जिससे बिहार विशेषकर गया जिला एवं मगध प्रमंडल के उद्यमियों को व्यापक लाभ मिलेगा। इसके साथ ही उन्होंने जिला अग्रणी प्रबंधक को निर्देश दिया कि एमएसएमई क्षेत्र के छोटे उद्यमियों को ऋण उपलब्ध कराने में नियमानुसार पूर्ण सहयोग सुनिश्चित किया जाए।
इस बैठक में यह भी बताया गया कि नई उद्योग नीति के तहत 5 करोड़ रुपये तक निवेश करने वाले उद्योगों को छोटे उद्योग की श्रेणी में रखा जाएगा और निवेश के आधार पर ही उन्हें भूमि, बिजली एवं अन्य सुविधाओं में छूट प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त प्राइवेट इंडस्ट्रियल पार्क में भी उद्योग स्थापित करने की अनुमति दी गई है।
कोलकाता-अमृतसर औद्योगिक कॉरिडोर के सर्वेक्षण कार्य के जारी रहने की जानकारी देते हुए बताया गया कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रत्येक बृहस्पतिवार को समीक्षा बैठक आयोजित की जाती है, जिसमें निवेशकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाती है।बियाड़ा के क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि आईएमसी क्लस्टर के अंतर्गत विभिन्न उद्योगों को शामिल किया जा रहा है तथा अब तक 300 करोड़ रुपये के निवेश हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। औद्योगिक गलियारे में 300 एकड़ क्षेत्र में जल संरक्षण की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है।
इस बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि यह औद्योगिक गलियारा बिहार सहित मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल के लिए व्यापारिक दृष्टि से अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। इसमें टेक्सटाइल, इलेक्ट्रिक परिवहन, आईटी सहित अन्य क्षेत्रों के उद्योग स्थापित किए जाएंगे।
गया जिले में अब तक लगभग 14,000 करोड़ रुपये का निवेश स्वीकृत किया गया है, जिसमें से 6,600 करोड़ रुपये छोटे उद्यमियों को प्रदान किए गए हैं। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत 2,413 लाभुकों को प्रथम किस्त भी जारी कर दी गई है।
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि नई उद्योग नीति और औद्योगिक गलियारे के संयुक्त प्रभाव से बिहार को औद्योगिक रूप से सशक्त बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा और राज्य आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से अग्रसर होगा।
