अखंड परशुराम अखाड़े द्वारा एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया

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PANKAJ KAUSHIK.

हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार स्थित गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय में अखंड परशुराम अखाड़े द्वारा एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गुरुकुल कांगड़ी विद्यालय के मुख्य अधिष्ठाता डॉ. दीनानाथ शर्मा को सनातनी परंपराओं को सुदृढ़ करने के लिए अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधीर कौशिक एवं सहयोगी कथावाचकों द्वारा फरसा, चादर (उड़ाकर) और पटका भेंट कर सम्मानित किया गया।सम्मान ग्रहण करने के उपरांत डॉ. दीनानाथ शर्मा ने कहा कि राष्ट्र के सांस्कृतिक पुनर्जागरण में सनातन परंपरा की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त करने की आवश्यकता है। डॉ. शर्मा ने आर्य समाज के महान नेता स्वामी श्रद्धानन्द के शुद्धि आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज जागरण के लिए उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि गुरुकुल सदैव राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक संरक्षण का केंद्र रहा है।

अखिल भारतीय अखंड परशुराम अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधीर कौशिक ने कहा कि गुरुकुल जैसी संस्थाओं ने देश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने डॉ. दीनानाथ शर्मा को एक विधिक मर्मज्ञ बताते हुए कहा कि उन्होंने संस्था के संरक्षण और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कौशिक ने कहा कि सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा के लिए समाज को संगठित रहने की आवश्यकता है।विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. विजेंद्र शास्त्री ने कहा कि विद्यार्थियों को शास्त्र के साथ-साथ आत्मरक्षा एवं अनुशासन का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि वे शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बन सकें।विद्यालय के सुरक्षा अधिकारी रविकांत मलिक ने कहा कि गुरुकुल की पावन भूमि से समय-समय पर समाज सुधार आंदोलनों का सूत्रपात हुआ है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और नैतिक मूल्यों का शिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने गुरुकुल की परंपरा और राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका को और अधिक सुदृढ़ करने का संकल्प लिया।भागवत आचार्य पवन कृष्ण शास्त्री जी ऋषि शर्मा मनोज ठाकुर कुलदीप शर्मा,दिनेश कुमार आदि उपस्थित रहे।