बिहार राज्य की 114 वीं स्थापना दिवस पर, विशेष राज्य का दर्जा एवं भारत का पर्यटन राजधानी बनाने की कांग्रेसी नेताओं ने कियाआवाज बुलंद
विश्वनाथ आनंद .
गया जी ( बिहार)-भारत के ऐतिहासिक, गौरवशाली, लोकतंत्र की जननी बिहार राज्य के 114 वें स्थापना दिवस पर इसे विशेष राज्य का दर्जा देने, भारत का पर्यटन राजधानी घोषित करने सहित अन्य मांगों को पूरा करने हेतु कॉंग्रेस पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं ने आवाज बुलंद किया है।आवाज बुलंद करने वालों में बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कॉंग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, बैजू प्रसाद, राम प्रमोद सिंह, दामोदर गोस्वामी, विपिन बिहारी सिन्हा, राजीव कुमार सिंह उर्फ लबी सिंह, शिव कुमार चौरसिया, सुजीत गुप्ता, अशोक राम, आदि ने कहा कि भगवान बुद्ध, भगवान महावीर की धरती, देश की आज़ादी से लेकर सभी राष्ट्रीय संघर्षों को नेतृत्व प्रदान करने वाला भूमि बिहार से 26 वर्ष पहले झारखंड के विभाजन के उपरांत इसे विशेष राज्य का दर्जा देने की घोषणा आज तक ठंढे बस्ते में पड़ा हुआ है, जिसके लिए बिहार के सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों तथा आमजनों द्वारा पटना से दिल्ली तक लगातार मांग करने का काम करते आ रहे है, परंतु केंद्र सरकार के कान पर जू तक नहीं रेंग रहा है।
नेताओं ने कहा कि भारत के पर्यटन राजधानी बनने के सभी अहर्ताओं के रखने के कारण इसे देश का पर्यटन राजधानी बनने से इसका विकास और तेज होगा।
नेताओं ने कहा का बिहार का सबसे प्राचीन, प्रतिष्ठित पटना विश्वविद्यालय को वर्षों से केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने की मांग को मोदी सरकार अनसुनी करते रही है।
नेताओं ने कहा कि बिहार राज्य देश के बड़े राज्यों में शुमार के बाद भी यहां से एक _ एक कर कई केंद्रीय संस्थानों को दूसरे राज्यों में स्थान्तरित करने का भी काम केंद्र सरकार द्वारा किया जा रहा है, जबकि यहां के लोगों से केंद्र सरकार भारी भरकम टैक्स वसूलने का काम करती है।
