गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को कुचलने के खिलाफ जारी रहेगा चरणबद्ध आंदोलन- कॉंग्रेस
विश्वनाथ आनंद .
गया जी (बिहार)-पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज गयाजी के ऐतिहासिक गांधी मैदान के गांधी मंडप स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अस्थि कलश स्तुब के समक्ष शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन कर केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा के नाम बदलने के खिलाफ आवाज बुलंद किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता गया जिला किसान कॉंग्रेस के अध्यक्ष युगल किशोर सिंह ने किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता प्रो विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कॉंग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, राम प्रमोद सिंह, कॉंग्रेस शिक्षा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष विद्या शर्मा, रंजीत कश्यप, जगदीश प्रसाद यादव, दामोदर गोस्वामी, राम उदय प्रसाद, ओंकार शक्ति, धर्मेंद्र कुमार निराला, प्रदीप शर्मा कमलेश चंद्रवंशी, सुनील कुमार पासवान, राजेश कुमार गुप्ता, ज्ञानेन्द्र शिशु यादव, अर्जुन प्रसाद, शिव शंकर प्रसाद, बृजेश राय, राजीव कुमार सिंह उर्फ लबी सिंह, राजनदन सिंह, रामसेवक कुशवाहा, बड़ा बाबु, मदीना खातून, अनुमती देवी, शांति देवी, इंटक जिला महासचिव टिंकू गिरी, सुभाष चंद्र मेहता, अवतार शर्मा, राजेश्वर पासवान, शिव कुमार चौरसिया, मोहम्मद कमरू, अशोक प्रसाद भारती, देवेन्द्र सिंह, मन्नू सिंह, रंजीत सिंह, आदि ने कहा कि कॉंग्रेस का मनरेगा को लाने और लागू करने में बड़ा योगदान था, लेकिन यह पार्टी से जुड़ा मामला कभी नहीं था बल्कि यह देशहित, जनहित से जुड़ी योजना थी, मोदी सरकार ने इस योजना को कमजोर करके देश के करोड़ों किसानों, श्रमिकों, और भूमिहीन गरीबों के हितों पर हमला किया है।
इस हमला का मुकाबला करने को हम कॉंग्रेसजन तैयार है,20 साल पहले अपने गरीब भाई- बहनों को रोजगार का अधिकार दिलाने के लिए हम लोग लड़े थे और आज भी मोदी सरकार द्वारा मनरेगा में से महात्मा गांधी का नाम हटाने के खिलाफ तथा मोदी सरकार द्वारा इसके जगह पर लाए काले कानून के खिलाफ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
नेताओं ने कहा कि चरणबध्द आंदोलन के तहत 23 दिसंबर को गौतमबुद्ध कुष्ठ अस्पताल के पास गांधी तीन मुहाने के पास स्थानीय गरीब परिवारों के साथ धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, तरह यह कार्यक्रम 28 दिसंबर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के स्थापना दिवस तक जिला के सभी प्रखंडों, पंचायतों, गांव तक लगातार विरोध कार्यक्रम जारी रहेगा।