बिना जनाधार के उपमुख्यमंत्री हैं बीजेपी के—– सम्राट चौधरी !

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संजीव कुमार।

पटना । बिहार में फिलहाल एनडीए की सरकार है या यूं कह लिजीये की सरकार में भाजपा लिडिंग रोल में है लेकिन भाजपा का ग्राफ बिहार में लगातार गिर रहा है और इसके पीछे की सबसे बङी वजह है भाजपा के नेताओं का अहंकारी होना । भाजपा में पहले बात करते हैं बाँरोड नेता और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की । सम्राट बिहार के ऐसे नेताओं मे से हैं जिनके पास अपना कोई जनाधार नहीं है लेकिन भाजपा के बङे  नेता है इतने बङे की  इनके साथ लगभग 30 सुरक्षाकर्मियों का घेरा बना रहता है । सम्राट खुद को कुशवाहा का बङा नेता मानते हैं लेकिन लोकसभा चुनाव में कुशवाहा के वोट को वो टर्नअप नहीं करवा सके । यही वजह है कि औरंगाबाद में भाजपा हार गई । कहा तो यहां तक जा रहा है कि सम्राट ने अपी जाति के अभय कुशवाहा को अप्रत्यक्ष तरीके से जीताने में मदद भी की ।

चलिये यहां तक तो ठीक है अब आगे चलते हैं इस विधानसभा चुनाव में भी कुशवाहा वोटर सम्राट को अपना नेता कतई मानने को तैयार नहीं हैं और जहां राजद या विपक्षी पार्टीयां कुशवाहा को टिकट देगी कुशवाहा उसी को वोट करेंगे न की सम्राट के कहने पर भाजपा को । दरअसल में सम्राट इतने बङे नेता हैं नहीं जितना बङा उन्होंने अपना औरा बना रखा है ऐसे में जो आम लोग वो भी उनकी पहुंच से दूर होते जा रहे हैं जिसका नुकसान अंतत भाजपा को इस चुनाव में भुगतनापङ सकता है लेकिन भाजपा न जाने किस वजह से सम्राट के उपर दाव लगाई हुई है। हां एक बात समझ लिजीये की बिहार में अगर भाजपा चुनाव जितने में सफलरही तो उसमें सम्राट की नहीं मोदी और अमित शाह की लोकप्रियता वजह बनेगी । लेकिन भाग्य का खेल है लिहाजा अभी सम्राट के दिन भाजपा में फिलहाल इस चुनाव तक तो बचे हुये दिखाई दे रहे हैं।