समृद्धि यात्रा के तहत गया में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री
Dhiraj.
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने गया जी मे इस इलाक़े मे गंगा जल लाने की मांग
गया जी।मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार आज समृद्धि यात्रा के दौरान गया के मायापुर के टनकुप्पा स्थित बिहार पोषक अनाज एवं मूल्य श्रृंखला उत्कृष्टता केंद्र परिसर में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। जन संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सब जानते हैं कि 24 नवंबर, 2005 को पहली बार एन०डी०ए० सरकार बनी तब से राज्य में कानून का राज है और हम लगातार विकास के काम में लगे हुए हैं। याद है ना पहले क्या स्थिति थी? पहले बहुत बुरा हाल था? लोग शाम के बाद घर से बाहर नहीं निकलते थे। समाज में कितना विवाद होता था। कितना हिन्दू-मुस्लिम झगड़ा होता था? पढ़ाई का क्या हाल था? बहुत कम बच्चे पढ़ते थे। बहुत कम पढ़ाई होती थी। पहले इलाज का पूरा इंतजाम नहीं था। सडकें बहुत कम थीं और जो थीं उनका बुरा हाल था। बिजली बहुत कम जगह थी। अब किसी प्रकार के डर एवं भय का वातावरण नहीं है। राज्य में प्रेम, भाईचारा एवं शांति का माहौल है। पहले कितना हिन्दू-मुस्लिम झगड़ा होता था, इसलिए वर्ष 2006 से ही कब्रिस्तान की घेराबंदी शुरू की गयी है। बड़े पैमाने पर कब्रिस्तानों की घेराबंदी की जा चुकी है। अब कोई झगड़ा झंझट नहीं होता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2016 से 60 वर्ष से पुराने हिन्दू मंदिरों की घेराबंदी की गयी है जिससे चोरी आदि की घटनायें नहीं होती है।
सर्वप्रथम शिक्षा के क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया गया। हमलोगों ने नियोजित शिक्षकों की बहाली की। बड़ी संख्या में नये स्कूल खोले और लड़के-लड़कियों के लिए पोशाक एवं साइकिल योजना चलायी। वर्ष 2023 से बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा 2 लाख 58 हजार सरकारी शिक्षकों की बहाली की गयी है। वर्ष 2006 से 3 लाख 68 हजार नियोजित शिक्षक बने थे जिसमें से बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा 28 हजार 976 सरकारी शिक्षक बन गये। फिर सरकार ने तय किया कि नियोजित शिक्षकों को बी०पी०एस०सी० की परीक्षा देने की जरूरत नहीं है। उन्हें मामूली सी परीक्षा लेकर, सरकारी शिक्षक बनाया जाय। इसके लिए उन्हें 5 मौके तय किये। अब तक 4 परीक्षाओं का आयोजन हो चुका है जिसमें 2 लाख 66 हजार नियोजित शिक्षक पास हो गये हैं। अब केवल 73 हजार शेष बच गये हैं जिन्हें 1 मौका और दिया जायेगा। अब कुल मिलाकर सरकारी शिक्षकों की संख्या 5 लाख 24 हजार हो गयी है। इसके अलावे बी०पी०एस०सी० द्वारा 45 हजार नये पदों पर शिक्षकों की बहाली शुरू की जा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले स्वास्थ्य व्यवस्था बहुत खराब थी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में इलाज के लिए प्रतिमाह मात्र 39 मरीज ही आते थे यानी प्रतिदिन 1 या 2 मरीज आते थे। वर्ष 2006 से अस्पतालों में मुफ्त दवा और इलाज की पूरी व्यवस्था की गयी है। अब प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में हर महीने औसतन 11 हजार 600 मरीज आते हैं। पहले मात्र 6 मेडिकल कॉलेज थे जिनकी संख्या अब 12 हो गयी है। इस वर्ष 6 मेडिकल कॉलेज और बन जायेंगे तथा शेष 21 जिलों में मेडिकल कॉलेज का निर्माण भी शीघ्र पूरा किया जायेगा। पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को 5400 बेड तथा अन्य 5 पुराने मेडिकल कॉलेज को ढाई हजार बेड का किया जा रहा है। इसके साथ ही आई०जी०आई०एम०एस० को 3 हजार बेड काबनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में सड़कों, पुल-पुलियों का निर्माण कराया गया है। राज्य के सुदूर क्षेत्रों से 6 घंटे में पटना पहुंचने के लक्ष्य को वर्ष 2016 में पूरा कर लिया गया है। अब राज्य में बड़ी संख्या में सड़कों, पुल-पुलियों, रेल ओवरब्रिज, बाईपास एवं एलिवेटेड रोड के निर्माण से लगभग 5 घंटे में सुदूर क्षेत्रों से पटना पहुंचना संभव हुआ है। वर्ष 2008 से कषि रोड मैप बनाकर काम किया जा रहा है जिससे कषि के क्षेत्र में बहुत अच्छी प्रगति हुई है। वर्ष 2008 से 2012 तक पहला, 2012 से 2017 तक दूसरा 2017 से 2023 तक तीसरा कृषि रोड मैप पर काम हुआ है। अनाज का उत्पादन काफी बढ़ गया है। फल, सब्जी, दूध, अंडा, मांस एवं मछली का उत्पादन ढाई गुना से अधिक हो गया है जिससे मछली के उत्पादन में बिहार आत्मनिर्भर हो गया है। साथ ही किसानों की आय बढ़ी है। वर्तमान में चौथे कृषि रोड मैप वर्ष 2024 से 2029 के तहत योजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2015 में सात निश्चय के तहत आर्थिक हल-युवाओं को बल,
