बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सत्ता छोड़ने के पूर्व मंथन करने की जरूरत-वरीय अधिवक्ता सत्येंद्र नारायण सिंह
बिहार के मुख्यमंत्री,नीतीश कुमार को बिहार की सता छोड़कर राज्यसभा का सदस्यता ग्रहण करने का संकेत देना ,बिहार के भविष्य के लिए अच्छा संकेत नहीं-वरीय अधिवक्ता सत्येंद्र नारायण सिंह.
विश्वनाथ आनंद .
औरंगाबाद ( बिहार)-बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बिहार की सता छोड़कर राज्यसभा का सदस्यता ग्रहण करने का संकेत देना बिहार के लिए उचित नहीं. उक्त बातें व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद के वरीय अधिवक्ता सत्येंद्र नारायण सिंह ने मीडिया से खास बातचीत के दौरान कहीं . उन्होंने कहा कि जब से बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कमान संभाला, तब से बिहार को विकास की गति मिली. बेरोजगारों को रोजगार मिला. एवं महिलाओं को 50% आरक्षण लागू किया गया. जंगल राज से बिहार को मुक्त कराया गया. बिहार में चौमुखी विकास हो रहा है.
ऐसी स्थिति में बिहार की जनता ने एक बार फिर विकास पुरुष नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री के रूप में अपना मताधिकार का प्रयोग कर शक्ति का एहसास करा दिया है.बिहार का विकास नीतीश सरकार के नेतृत्व में ही संभव है. ऐसी स्थिति में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सता छोड़ने के पूर्व मंथन करने की जरूरत है. ताकि बिहार की जनता को आहत ना पहुंच सके. श्री सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के औरंगाबाद समृद्धि यात्रा के पहुंचने के दौरान मीडिया से खास बातचीत मे कहा कि वर्ष 2005 से पहले बिहार काफी पिछड़ा हुआ था और अपराध का बोलबाला था. लेकिन अब नीतीश राज में कानून का राज स्थापित हुआ है .उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से बिहार लगातार विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है .उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क ,बिजली, रोजगार जैसे क्षेत्रों में स्थिति पहले से काफी बेहतर हुई है. श्री सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को समृद्धि यात्रा को लेकर बधाई एवं शुभकामनाएं दिया है.
