चार वर्षों से 22 करोड़ की लागत से निर्मित मानपुर बस स्टैंड को शीघ्र चालू कराया जाये-काँग्रेस
विश्वनाथ आनंद .
गया जी (बिहार)-गयाजी शहर के मानपुर से पूरब और उत्तर दिशाओं में आने-जाने वाले बस एवं अन्य गाड़ियों के लिए 2022 से रसलपूर- लखनपूर के बीच 22 करोड़ खर्च से निर्मित बस स्टैंड अभी तक दो गांवों के लोगों के अलग, अलग नामकरण के मांग को लेकर चालू नही होने से आमजनों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।बिहार प्रदेश काँग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, मानपूर प्रखंड कॉंग्रेस कमिटी के अध्यक्ष रंजीत सिंह, मोहम्मद ग़ालिब, टिंकू गिरी, उदय सिंह, राम पुकार सिंह, रवीन्द्र कुमार, आयाज अख्तर आरज़ू, अर्जुन यादव आदि ने कहा कि वर्षो से मोफसिल मोड़ के समीप गया गौशाला के जमीन पर बस स्टैंड संचालित रहने से गंभीर जाम की समस्या से निजात दिलाने हेतु सरकारी जमीन पर रसलपूर- लखनपूर के बीच 22 करोड़ के लागत से सरकारी बस स्टैंड का निर्माण 2022 में होने के बाद जब तत्कालीन उप मुख्यमंत्री तारा किशोर प्रसाद सहित स्थानीय प्रशासन द्वारा उद्घाटन हेतु गयाजी आने पर रसलपूर, लखनपूर गांवों के लोगों के विरोध के कारण उद्घाटन नहीं हुआ।
रसलपूर के लोगों का मांग देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर बस स्टैंड का नामकरण का मांग उठाने लगे तो दुसरी और लखनपूर के लोग शाहिद जगदेव प्रसाद के नाम पर बस स्टैंड का नामकरण कराने का मांग करने के कारण अभी तक बस स्टैंड चालू नहीं हुआ है।चार वर्षों से बस स्टैंड चालू नहीं होने से उसके भवन का शीशा टूट रहा है, जगह- जगह झाड़ियां उग् गया है, भवान का रंग मालिन हो ही रहा है, साथ ही साथ जाम की भारी समस्या बनी रहती है। नेताओं ने कहा कि स्थानीय प्रशासन द्वारा कई बार दोनों गांवों के लोगों को बुला कर समस्या के समाधान की कोशिश की गई परंतु अभी तक कोई निर्णय नहीं हुआ।नेताओं ने दोनों गांवों के मांग के आधार पर बस स्टैंड का नामकरण अटल- जगदेव बस स्टैंड, रसलपूर- लखनपुर, मानपूर. गयाजी करके अविलंब चालू करने की मांग स्थानीय प्रशासन से किया है, ताकि गया गौशाला का जमीन खाली हो जाये तथा आमजनों को जाम से मुक्ति मिल सके तथा यात्रियों को एक सुविधाजनक बस स्टैंड मिल सके।
