अंडरपास बनने से परैया को नये साल में मिली सौगात
प्रेम कुमार ।
गयाजी (परैया): प्रखण्ड के बोकनारी, डुमरा, गेट नम्बर 06 पर तैनात रेलवे कर्मी और आसपास के ग्रामीणों के लिए नए साल का वाकई एक शानदार उपहार है। लंबे समय से रेलवे फाटक बंद होने के कारण लगने वाले जाम और आपातकालीन स्थितियों में होने वाली देरी अब इतिहास बन जाएगी।रेलवे द्वारा अंडरपास का निर्माण एक ऐसा ढांचागत सुधार है जो सीधे तौर पर आम जनजीवन की गति को बढ़ा देता है।
इस अंडरपास निर्माण के प्रमुख लाभ
जाम से स्थाई मुक्ति: फाटक बंद होने पर लगने वाली वाहनों की लंबी कतारें अब नहीं लगेंगी, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।आपातकालीन सुविधा: एम्बुलेंस, दमकल और अन्य जरूरी सेवाओं को अब ट्रेन के गुजरने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, जो जीवन रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।सुरक्षा में वृद्धि: रेलवे ट्रैक पार करते समय होने वाली दुर्घटनाओं की संभावना अब शून्य हो जाएगी आर्थिक विकास: बोकनारी और डुमरा जैसे गांवों का संपर्क मुख्य बाजारों और शहरों से सुगम होगा, जिससे स्थानीय व्यापार को मजबूती मिलेगी।
रेलवे द्वारा आधुनिक समाधान
आजकल रेलवे फाटक रहित क्रॉसिंग को खत्म करने के लिए ‘लिमिटेड हाइट सब-वे’ या अंडरपास को प्राथमिकता दे रहा है। यह तकनीक न केवल सस्ती है बल्कि बहुत कम समय में तैयार हो जाती है।
ग्रामीणों के लिए आगे की राह
सुविधा मिलने के साथ-साथ कुछ सावधानियां और जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं: जल निकासी मानसून के समय अक्सर अंडरपास में पानी भर जाता है। ग्रामीणों को सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रशासन ने वहां पंपिंग सेट या ड्रेनेज की सही व्यवस्था की है। भारी वाहन: अंडरपास की ऊंचाई सीमित होती है, इसलिए बड़े ट्रकों के प्रवेश को लेकर लगे साइन बोर्ड का पालन करना अनिवार्य है।
रखरखाव: इसे कचरा मुक्त रखना और लाइटिंग की व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी है।