जनगणना का प्रथम चरण अंतर्गत निम्न दो कार्य सम्पन्न किये जायेंगे– प्रधान सचिव राजस्व विभाग
DHIRAJ.
ज़िला पदाधिकारी गया ने बताया कि जिला से 4 मास्टर ट्रेनरों द्वारा राज्य स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त किया गया
गया।प्रभारी सचिव, गया जिला-सह-प्रधान सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग बिहार सरकार सी०के० अनिल द्वारा आज गया समाहरणालय में जनगणना के संबंध में समीक्षा किया है। उन्होंने कहा कि भारत की जनगणना विश्व की सबसे बडी प्रशासनिक गतिविधियों में से एक है जो हर 10 वर्ष में आयोजित की जाती है। जनगणना देश की जनसंख्या, सामाजिक स्थिति एवं आर्थिक स्थिति की जानकारी देती है। जनगणना का उल्लेख भारतीय संविधान की 7वीं अनुसूची के अनुच्छेद 246 में किया गया है तथा यह जनगणना अधिनियम 1948 के द्वारा संचालित है। भारत में पहली जनगणना 1872 में तथा 1881 से पहली नियमित जनगणना प्रारंभ की गयी है। यह जनगणना देश 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना होगी। लेकिन उल्लेखनीय है कि यह भारत की पहली जनगणना होगी जो पूर्णतः डिजिटल मोबाईल एप एवं डिजिटल उपकरणों के द्वारा कराई जाएगी।
गया जिला अन्तर्गत अब तक किये गये कार्यों की प्रगति
ज़िला पदाधिकारी गया ने बताया कि जिला से 4 मास्टर ट्रेनरों द्वारा राज्य स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त किया गया है। जिला द्वारा दो चरणों में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है।
प्रथम चरण प्रशिक्षणः- दिनांक- 12.03.2026 से दिनांक-14.03.2026 तक जिलास्तरीय पदाधिकारी ,सभी चार्ज पदाधिकारी ,सभी अवर चार्ज पदाधिकारियों का प्रशिक्षण वदिया गया है।
दिनांक-15.03.2026 से दिनांक-17.03.2026 तक सभी चार्ज स्तरीय सभी सहायक एवं सभी तकनीकी सहायकों का प्रशिक्षण दिया गया है।
द्वितीय चरण प्रशिक्षणः- दिनांक-23.03.2026 से दिनांक-28.03.2026 तक जिला स्तर पर चार्ज स्तरीय फिल्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण चार बैंच में दिया गया। फिल्ड ट्रेनरों की कुल संख्या-168 है।
चार्ज स्तर पर किये जाने वाले कार्य
जिला में कुल चार्ज की संख्या- 34।
जिला में कुल प्रगणकों की संख्या-9475।
जिला में कुल पर्यवेक्षकों की संख्या-1406।
चार्ज स्तर पर जिला से सभी चार्ज पदाधिकारियों का यूजर आई० डी० बना दिया गया है तथा सभी चार्ज प्रदाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने यूजर आई० डी० से सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का यूजर आई० डी० बनायें तथा इसके बाद दिनांक-06.04.2026 से दिनांक-17.04.2026 तुर्क सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को जनगणना संबंधी प्रशिक्षण का कार्य प्रशिक्षित फिल्ड ट्रेनरों द्वारा बनी निगरानी में कराना सुनिश्चित करेगें।
प्रभारी सचिव ने बताया कि भारत की जनगणना-2027 सरकारी गजट से दिनांक-16.06.2025 को अधिसूचित की गई है एवं इसके साथ-साथ केन्सुयूस एक्ट एक्टि, 1948 एवं क्नेसुअस रुलस, 1990 लागू हो गई। इसकी सफलता पूरी तरह से जन भागीदारी तथा प्रशासकीय सहभागिता पर निर्भर करती है।
जनगणना का प्रथम चरण अंतर्गत निम्न दो कार्य सम्पन्न किये जायेंगे-
स्वगणना स्वयं प्रमाण पत्र 17 अप्रैल 2026 से 01 मई 2026 तक। इस अवधि में सभी नागरिकों को यह सुविधा दी गई है कि वेब पोर्टल se.census.gov.in के माध्यम से पूछे जाने वाले प्रश्नों का उत्तर स्वंय प्रविष्ट कर सकते हैं।
मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणनाः 02 मई 2026 से 31 मई 2026 तक। इस अवधि में प्रगणक हर घर में जाकर प्रत्येक परिवार से 33 प्रश्नों का उत्तर प्राप्त कर अपने मोबाईल ऐप के माध्यम से प्रविष्टि करेंगे।
राज्य के सभी नागरिकों से यह अपील है कि राष्ट्रीय महत्व के इस अनिवार्य दायित्व में बढ़-चढ कर भाग लें एवं स्वगणना तथा मकान सूचीकरण में पूछे जाने वाले प्रश्नों का सही एवं स्पष्ट उत्तर दें और जनगणना प्रगणकों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें ज्ञातव्य हो कि यह केनसुएस एक्ट 1948 की धारा-8 में अनिवार्य है।
राज्य के सभी पदाधिकारियो एवं कर्मियों से यह अपेक्षा की जाती है कि जनगणना हेतु आयोजित प्रशिक्षण में भाग लेंगे एवं राष्ट्रीय दायित्व के निर्वहन में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे, जनगणना अधिनियम-1948 की धारा-11 के तहत निर्धारित कर्तव्य का अनुपालन नही करना दंडनीय अपराध है।
जनगणना कार्यों की महत्ता के मद्देनजर किसी भी पदाधिकारी ,कर्मी की सेवा कभी भी ली जा सकती है। अतः वैसे पदाधिकारियों एवं कर्मियों जो सामूहिक अवकाश ,अन्य अवकाश में हैं, जिसके कारण जनगणना कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, से भी अपील की जाती है कि वे जनगणना जैसे अनिवार्य कार्य में अपनी अनिवार्य सहभागिता सुनिश्चित करें।
