गया- रफीगंज मुख्यमार्ग निर्माण कार्य में संवेदक द्वारा देखने को मिली सुस्ती
PREM KUMAR.
गया-रफीगंज मुख्य मार्ग की यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। झकटिया गांव के पास ट्रक पलटने जैसी घटना एक गंभीर चेतावनी है बीते कुछ दिन पहले मिट्टी कटाई के कारण एक ट्रक पलटी हो गई थी लेकिन संवेदक की लापरवाही किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है।सड़क चौड़ीकरण एक विकास कार्य है, लेकिन सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर किया गया काम “विकास” नहीं बल्कि “विनाश” का कारण बन सकता है।
इस मामले की मुख्य समस्याएं:
अधूरा छोड़ना : सड़क के किनारों को काटकर बिना किसी भराव या चेतावनी बोर्ड के छोड़ देना सबसे बड़ी लापरवाही है। इससे रात के समय या भारी वाहनों के गुजरते समय मिट्टी धंसने का खतरा रहता है। काम में सुस्ती: संवेदक द्वारा कार्य में देरी करने से धूल-मिट्टी की समस्या तो होती ही है, साथ ही लंबे समय तक खतरा बना रहता है।
सुरक्षा संकेतों का अभाव:
नियमानुसार निर्माण स्थल पर बोर्ड होने चाहिए, जो यहाँ नदारद दिख रहे हैं।संभावित खतरे भारी वाहनों का पलटना: जैसा कि झकटिया में हुआ, किनारे की मिट्टी ढीली होने से ट्रक या बसें अनियंत्रित होकर पलट सकती हैं।दोपहिया दुर्घटनाएं: रात के अंधेरे में कटे हुए किनारे दिखाई नहीं देते, जिससे बाइक सवार सीधे गड्ढों में गिर सकते हैं। धूल और प्रदूषण: सुस्ती के कारण उड़ती धूल आसपास के ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रही है।
ग्रामीणों और प्रशासन को क्या करना चाहिए यह मामला सीधा जनहित से जुड़ा है, इसलिए इस पर त्वरित कार्रवाई की जरूरत है इस सम्बन्ध में समस्त परैया प्रखण्डवासियो को लिखित आवेदन जिला पदाधिकारी को सौपना चाहिए/