मगध सम्राट, चक्रवर्ती महाराजाधीराज अशोक की मनाई गई जयंती
विश्वनाथ आनंद .
गया जी ( बिहार)-मगध सम्राट, चक्रवर्ती महाराजाधीराज अशोक की जयंती कॉंग्रेस पार्टी के नेताओं- कार्यकर्ताओं ने गयाजी के स्थानीय चौक स्थित इंदिरा गांधी प्रतिमा स्थल प्रांगण में मनाई गई।सर्वप्रथम सम्राट अशोक के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तृत प्रकाश डाला गया।जयंती कार्यक्रम में शामिल बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कॉंग्रेस अध्यक्ष राम प्रमोद सिंह, बाबूलाल प्रसाद सिंह, दामोदर गोस्वामी, प्रद्युम्न दुबे विपिन बिहारी सिन्हा, टिंकू गिरी, राजीव कुमार सिंह उर्फ लबी सिंह, विनोद बनारसी, अमरजीत कुमार, अशोक राम, राहुल चंद्रवंशी, रूपेश चौधरी, आदि ने कहा कि महान अशोक के नाम से प्रसिद्ध लगभग 268 ईशा पूर्व से अपनी मृत्यु तक मगध के सम्राट और मौर्य वंश के तीसरे शासक थे।
उनका साम्राज्य भारतीय उपमहाद्वीप के बड़े हिस्से में फैला हुआ था, जो पश्चिम में वर्तमान अफगानिस्तान से लेकर पूर्व में बांग्लादेश तक था, जिसकी राजधानी पाटलिपुत्र थी।सम्राट अशोक बौद्ध धर्म के संरक्षक के रूप में, उन्हें प्राचीन एशिया में बौद्ध धर्म के प्रसार में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने का श्रेय इन्हीं को दिया जाता है।भारत देश का प्रतीक चिन्ह अशोक स्तंभ के ऊपर चार शेर है जिसका मुख चारों दिशाओं की ओर है, इन शेरों को चतुर्मुख कहा जाता है, ये शेर शक्ति, साहस, आत्मविश्वास और गौरव को दर्शाते हैं, इस स्तंभ के नीचे घोड़ा और बैल और बीच में धर्म चक्र है, अशोक स्तंभ के आधार से अशोक चक्र को भारत के राष्ट्रीय ध्वज के केंद्र में रखा गया है।नेताओं ने कहा साहस का सम्मान अशोक चक्र इस वर्ष 2026 में 77 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर महामहिम राष्ट्रपति ने भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन शुभाशु शुक्ला को प्रदान किया गया है।
