बिहार सरकार से बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के कार्यकलाप पर अविलंब हस्तक्षेप की मांग
CORRESPONDENT.
बिहार राज्य धार्मिक न्यास संरक्षण बिकास परिषद के संयोजक श्री कमलेश कुमार पाण्डेय ने एक प्रेस बयान जारी कर बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार एवं उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी,बिजय कुमार सिन्हा, विधि मंत्री श्री मंगल पाण्डेय एवं सचिव बिधि विभाग, बिहार सरकार से बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के कार्यकलाप पर अविलंब हस्तक्षेप की मांग की है।जारी बयान में भाजपा नेता सह धार्मिक न्यास चिंतक श्री पाण्डेय ने कहा है कि न्यास बोर्ड का कार्यकलाप अत्यंत चिंतनीय है।कार्यकलाप का सूक्ष्म विश्लेषण किया जाय तो गंभीर भ्रष्टाचार की आशंका होती है।न्यास से जूड़े नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि पुरे बिहार के न्यासधारी अत्यंत ही भयभीत हैं।कब कहां किस न्यास में आपसी मतभेद करा दिया जाएगा, बिना प्रोसेस ही कब किसे किस न्यास का न्यास धारी घोषित कर दिया जाएगा,और महीने दो महीने में उसे हटाने का भी आदेश जारी कर दिया जाएगा। कहना कठिन है।
श्री कमलेश ने बर्तमान अध्यक्ष द्वारा अब तक किए कार्यों पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।
पद्म श्री स्व आचार्य किशोर कुणाल जी ने जिस कर्मचारी पर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाए थे।जिस पर निगरानी विभाग द्वारा पत्रांक Nigrani bibhag,patna5910/23.11.2023 जारी किया गया।आज वही ब्यक्ति बोर्ड का सर्वेसर्वा है। बोर्ड अध्यक्ष द्वारा न्यास हीत से संबंधित मामलों को लटकाया जाता है। जो भ्रष्टाचार का परिचायक है।जिस बिंदु की अनुशंसा कभी खुद बर्तमान अध्यक्ष ने सदस्य के रूप में की।वही आज अध्यक्ष बनने के बाद कर्मचारी के बार बार टालना किस ओर इशारा करता है।असल में बोर्ड का सभी फैसला अप्रत्यक्ष रूप से वही कर्मचारी लेता है जिसपर आचार्य किशोर कुणाल तत्कालीन सदस्य ने गंभीर आरोप लगाए थे।
उपर्युक्त कथन प्रमाणित करता है! कि मीडिया की सुर्खियों में रहकर अधिक दिनों तक आंख में धूल झोंककर स्वार्थ सिद्ध नहीं किया जा सकता। भाजपा जदयू की सरकार अविलंब हस्तक्षेप कर उपरोक्त बिंदुओं की जांच करे। और समुचित कार्यवाही कर बोर्ड को भंग करे।यह भी चर्चा है कि बर्तमान अध्यक्ष बोर्ड सदस्यों के ध्यानाकर्षण को भी नजर अंदाज करते हैं।सदस्य अपने नजरंदाजगी का विरोध बेतन की प्रत्याशा में नहीं कर पा रहे ।जो अत्यंत गंभीर मामला है।
धार्मिक समाजिक जगत में उठी आवाज़ से एक सशक्त सामाजिक कार्यकर्ता होने के नाते मैंने रखा।जिसपर सरकार अविलंब कार्यवाही करें। अन्यथा संगठन चरणबद्ध आंदोलन करेंगी।