सालाना करोड़ों खर्च के बाद भी गयाजी वासियों को बेहतर जनसुविधा का अभाव-काँग्रेस
विश्वनाथ आनंद .
गया जी ( बिहार)- गया नगर निगम द्वारा शहर के 80 स्थानों पर कुल 67 फेब्रिकेटेड और 13 बायो टॉयलेट लगा हुआ है, जिसके रख रखाव पर प्रति यूनिट प्रति माह 18, 166 रुपये का खर्च के हिसाब से सालाना 1 करोड़ 74 लाख रुपया खर्च के बाद भी दर्ज़नों टॉयलेट बंद रहने, कई में गंदगी के अम्बार रहने से शहरवासी जन सुविधा के लिए तरस जाते है, महिलाओं के लिए तो ,कहीं शौचालय का व्यवस्था ही नहीं है।उपर्युक्त आरोप बिहार प्रदेश काँग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू. पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, धर्मेन्द्र कुमार निराला, सुनील कुमार पासवान, बाबूलाल प्रसाद सिंह, राम प्रमोद सिंह, विपिन बिहारी सिन्हा, दामोदर गोस्वामी, विशाल कुमार, आदि ने संयुक्त रूप प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहे.
उन्होंने आगे कहा कि गया नगर निगम द्वारा स्थायी शौचालय के जगह फेब्रिकेटेड एवं बायो टॉयलेट बना कर हरियाणा के ठेकेदार को साफ़- सफाई का ठेका देने का काम किया है, जिस कंपनी द्वारा 80 स्थानों पर बने टॉयलेट में कुछ बंद, तो कुछ ही सफाई हो रहा है जिससे शहर वासियों को शहर के प्रमुख स्थानों, चौक चौराहों पर मल – मूत्र त्याग करने का कोई बेहतर सुविधा नहीं होने से भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।नेताओं ने कहा कि दुसरी ओर गयाजी शहर के हृदय स्थल चौक स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी , इंदिरा गांधी प्रतिमा स्थल के पास शौचालय तथा आजाद पार्क के मुख्य द्वार पर मूत्रालय बना देने से आमजनों को दोनों सार्वजनिक स्थलों पर दुर्गंध होने से लोगों का यहां पर उठना- बैठना मुश्किल है।नेताओं ने गया नगर निगम से शहर के सभी टॉयलेट्स को नित्य दिन साफ़- सफाई, प्रमुख स्थानों पर स्थायी महिला- पुरुष डीलक्स शौचालय का निर्माण कराने तथा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी प्रतिमा स्थल एवं आजाद पार्क के मुख्य द्वार से शौचालय, मूत्रालय को दूसरे जगह स्थानांतरित करने की मांग किया है।
