आईआईएम बोधगया और अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एएनएमएमसीएच), गया के संयुक्त प्रयास से सफलतापूर्वक रक्तदान शिविर आयोजित
विश्वनाथ आनंद .
गया जी (बिहार )-आईआईएम बोधगया ने एएनएमएमसीएच, गया के साथ मिलकर रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया। यह शिविर 2 नवंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आईआईएम बोधगया परिसर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर संस्थान के प्रोफेसर, छात्र और कर्मचारियों सहित संस्थान के 150 से अधिक सदस्यों ने उत्साह और सेवा भावना के साथ स्वेच्छा से रक्तदान किया।इस कार्यक्रम का नेतृत्व आईआईएम बोधगया की निदेशक प्रो. विनीता एस. साहाय, सीएसआर कमिटी के चेयरपर्सन प्रो. सुरेश के. जी. तथा अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एएनएमएमसीएच), गया की ओर से डॉ. लालदेव कुमार के निरीक्षण में आयोजित किया गया। एएनएमएमसीएच की 8 सदस्यीय चिकित्सा टीम ने पुरी निष्ठा और सावधानी के साथ संपूर्ण प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित किया।रक्तदाताओं के लिए स्वास्थ्य जांच और चिकित्सा सहायता की अच्छी व्यवस्था की गई, जिससे सभी को सुरक्षित और आरामदायक अनुभव मिला।
इस शिविर के माध्यम से संग्रहित रक्त एएनएमएमसीएच, गया के रक्त बैंक को उपलब्ध कराया जाएगा, जहाँ यह आपात स्थितियों में गंभीर रोगियों, प्रसूता माताओं तथा दुर्घटना पीड़ितों के उपचार में जीवनरक्षक सहायता प्रदान करेगा। आईआईएम बोधगया द्वारा यह रक्तदान शिविर पिछले तीन वर्षों से निरंतर आयोजित किया जा रहा है, जो समाज की सेवा और जीवन बचाने के इस उद्देश्य को और मजबूत बनाता है।कार्यक्रम के दौरान प्रो. विशाल वानखेडे ने कहा कि रक्तदान मानवता की महान सेवा है, जो जहाँ जरूरतमंदों को जीवन देता है, वहीं रक्तदाता के स्वास्थ्य को भी सुदृढ़ बनाता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे नियमित रक्तदान कर एक स्वस्थ और सहयोगी समाज के निर्माण में योगदान दें। छात्रों ने भी इस संदेश को आगे बढ़ाते हुए यह अपील की कि एक यूनिट रक्त से तीन जीवन बचाया जा सकता है, इसलिए हर व्यक्ति को आगे आकर इस मानवीय कार्य का हिस्सा बनना चाहिए।रक्तदान शिविर की यह पहल आईआईएम बोधगया की सामाजिक उत्तरदायित्व, सामुदायिक कल्याण और मानवीय संवेदना के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि जब शिक्षा और संवेदना एक साथ आती हैं, तब समाज में वास्तविक परिवर्तन संभव होता है।