चेचक से बचाव हेतु जागरूकता परिचर्चा का हुआ आयोजन
धीरज ।
गयाजी :- स्वयंसेवी संस्था आजाद वेलफेयर सेंटर के तत्वावधान में चेचक से बचाव हेतु जागरूकता परिचर्चा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम होमियोपैथी चिकित्सक डॉ. के. के. कमर के न्यू कॉलोनी, न्यू करीमगंज स्थित क्लीनिक परिसर में आयोजित हुआ।परिचर्चा में चेचक चिकन पॉक्स के लक्षण, बचाव एवं उपचार के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि चेचक वारिसेला जोस्टर वायरस के कारण होने वाला एक संक्रामक रोग है, जो बच्चों के साथ-साथ वयस्कों को भी प्रभावित कर सकता है। समय पर उपचार न होने पर यह गंभीर रूप ले सकता है।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है, विशेषकर यदि स्थिति गंभीर हो। खुजली को कम करने के लिए चिकित्सक द्वारा सुझाए गए लोशन या दवाओं का उपयोग करना चाहिए। फुंसियों को नोचने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे संक्रमण फैल सकता है और स्थायी निशान पड़ सकते हैं। साथ ही रोगी को पर्याप्त आराम और अधिक मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई।विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि चेचक से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय टीकाकरण एवं व्यक्तिगत स्वच्छता का पालन है।
परिचर्चा में होम्योपैथिक चिकित्सा की उपयोगिता पर भी चर्चा की गई। चिकित्सकों ने बताया कि होम्योपैथी में लक्षणों के आधार पर दवाओं का चयन किया जाता है, जो खुजली, जलन एवं अन्य लक्षणों में राहत देने में सहायक हो सकती हैं।
Rhus Toxicodendron, Belladonna, Antimonium Tartaricum, Variolinum जैसी दवाएं चिकित्सकीय परामर्श से दी जाती हैं। कुछ मामलों में वेरिओलिनम का उपयोग रोकथाम के रूप में भी किया जाता है, हालांकि इसका सेवन केवल योग्य चिकित्सक की सलाह से ही करना चाहिए।
कार्यक्रम में लोगों को जागरूक करते हुए बताया गया कि किसी भी प्रकार की दवा बिना चिकित्सकीय परामर्श के न लें तथा गंभीर स्थिति में तुरंत उचित चिकित्सा सुविधा प्राप्त करें।
