गया जिला में कृषि विश्वविद्यालय के लिए वर्षों से सैकड़ों एकड़ भूमि उपलब्ध – संघर्ष समिति
विश्वनाथ आनंद .
गया जी( बिहार)-गया जिला में कृषि विश्वविधालय की स्थापना एवं इसके लिए जमीन चयन की बातें बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार द्वारा कहने पर मगध कृषि विश्वविधालय निर्माण कराओ संघर्ष समिति के नेताओं, कार्यकर्ताओं ने कहा कि गया जिला अंतर्गत फतेहपुर प्रखंड के लोधवे दक्षिणी पंचायत के वोहवा, भक्ततरीया, में वर्षो से प्रस्तावित मगध कृषि विश्वविद्यालय सह अनुसंधान केंद्र हेतु सैकड़ों एकड़ जमीन उपलब्ध है।
उपर्युक्त बातें मगध कृषि विश्वविद्यालय निर्माण कराओ संघर्ष समिति के संयोजक प्रो विजय कुमार मिट्ठू, डॉ गगन कुमार मिश्रा, बालमुकुंद पांडेय, पंकज कुमार पंकज, बुलंद अख्तर, अरविंद कुमार, बैजनाथ सिंह, राज करण सिंह, राम लखन प्रसाद यादव, विकासकुमार, सद्दाम सहाब, उधव सिंह, मंजू देवी, सुरेंद्र शर्मा, आफताब खान, कृष्णा देव कुमार, प्रयाग यादव, रामस्वरूप सिंह, आदि ने कहा कि मगध विश्वविद्यालय की स्थापना एवं उसके लिए बोधगया तथा लोधवे दक्षिणी पंचायत में सैकड़ों एकड़ जमीन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नवादा के पूर्व सांसद, विद्वान महंत स्व सूर्य प्रकाश पूरी ने सन 1962 में वोहवा, भक्ततरीया में 200 एकड़ जमीन मगध विश्वविद्यालय के लिए गिफ्ट किए थे।
मगध विश्वविद्यालय के बोधगया स्थित 525 एकड़ जमीन पर मगध विश्वविद्यालय एवं बिहार का पहला आई आई एम संचालित है , परंतु उसका लोधवे- दक्षिण पंचायत के वोहवा, भक्त तौलिया 200 एकड़ खाली जमीन पर सन 1998 में तत्कालीन केन्द्रीय कृषि मंत्री स्व चतुरानन मिश्रा जी के कर कमलों द्वारा मगध कृषि विश्वविद्यालय सह अनुसंधान केंद्र का शिलान्यास किया गया था।
बिहार राज्य से झारखंड के विभाजन के उपरांत मगध क्षेत्र के कृषि के विकास हेतु इस क्षेत्र में नए कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना का भी निर्णय लिया गया था।
नेताओं ने कहा कि मगध कृषि विश्वविद्यालय सह अनुसंधान केंद्र निर्माण कराओ संघर्ष समिति के नेताओं, कार्यकर्ताओं द्वारा विगत कई वर्षो से आन्दोलन कर राज्य एवं केंद्र सरकारों को लगातार ज्ञापन भेजा जा रहा है, जिसके जवाब में केंद्र सरकार के कृषि मंत्रालय से पत्र के माध्यम से यह जवाब भेजा गया कि किसी भी राज्य स्तरीय विश्वविद्यालय खोलने हेतु सबसे पहले राज्य सरकार को निर्णय लेना होता है, परंतु अभी तक राज्य सरकार इस सम्बंध में कोई निर्णय नहीं लिया है।
नेताओं ने कहा कि लंबे प्रतीक्षा के बाद बिहार विधानसभा में अध्यक्ष महोदय के राज्य सरकार अब यह प्रस्ताव लाई है कि गया मे एक कृषि विश्वविद्यालय सह अनुसंधान केंद्र की स्थापना के लिए जमीन चयन की घोषणा की गई है, जिस घोषणा को अविलंब उपलब्ध सैकड़ों एकड़ जमीन पर निर्माण कार्य शुरू कराया जाये ।