लेट्स इंस्पायर बिहार के बैनर तले दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में बिहार के दिगज्जों का महाजुटान
SANJIV SINGH.
लेट्स इंस्पायर बिहार के बैनर तले दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में बिहार के दिगज्जों का महाजुटान: केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और उधोग मंत्री डॉक्टर दिलीप जायसवाल भी पहुंचे.
नई दिल्ली: लेट्स इंस्पायर बिहार (एलआईबी) अभियान ने प्रतिष्ठित तालकटोरा स्टेडियम में बिहार डेवलपमेंट समिट 2026 का आयोजन किया, जो विकसित भारत @ 2047 के अंतर्गत विकसित बिहार के निर्माण के दृष्टिकोण को समर्पित एक ऐतिहासिक, भव्य रूप से सफल एवं राष्ट्रीय स्तर पर गूंजने वाला संगम सिद्ध हुआ। पूर्व दिवस तक 5,000 से अधिक पंजीकरण दर्ज होने तथा देश एवं विदेश से प्रतिनिधियों की सहभागिता के साथ, इस समिट ने अभियान के विस्तृत होते दायरे, विश्वसनीयता और राष्ट्रीय प्रासंगिकता को प्रतिबिंबित किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन भारत सरकार के माननीय केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में बिहार के माननीय उपमुख्यमंत्री (भूमि एवं राजस्व) श्री विजय कुमार सिन्हा तथा बिहार सरकार के माननीय उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल उपस्थित रहे। समिट का नेतृत्व लेट्स इंस्पायर बिहार के मुख्य संरक्षक श्री विकास वैभव, आईपीएस, ने किया।
मंगलाचरण के साथ दीप प्रज्वलन कर समिट का औपचारिक शुभारंभ किया गया, जो बिहार के पुनरुत्थान हेतु सामूहिक संकल्प का प्रतीक बना। कार्यक्रम की शुरुआत एलआईबी के विषयगत गीतों एवं अभियान की चार वर्षीय यात्रा को दर्शाने वाली ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति से हुई, जिसने प्रेरणा एवं उद्देश्य का वातावरण निर्मित किया। कार्यक्रम में कलाकार मनीषा झा, गायक दीपक ठाकुर, नीतू कुमारी नूतन, कवि शंभु शिखर, कवयित्री डॉ. तिष्या श्री एवं कवि नीलोत्पल मृणाल के द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दी गईं।
लेट्स इंस्पायर बिहार की यात्रा
22 मार्च 2021 को वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विकास वैभव द्वारा प्रारंभ किया गया लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान वर्ष 2047 तक एक विकसित बिहार और परिणामस्वरूप एक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य रखता है। इसका दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षा, रोजगार या स्वास्थ्य सेवाओं के लिए किसी को बिहार छोड़कर न जाना पड़े। शिक्षा, समता और उद्यमिता के सिद्धांतों पर आधारित यह अभियान बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक और उद्यमशील विरासत से प्रेरणा लेकर जाति और समुदाय की सीमाओं से परे लोगों को राष्ट्रीय विकास के लिए एकजुट करता है। इसके विभिन्न अध्यायों के माध्यम से 3,50,000 से अधिक स्वयंसेवक सक्रिय योगदान दे रहे हैं।
अभियान, वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु बिहार में एक उद्यमिता क्रांति की परिकल्पना करता है। यह स्वरोजगार, स्टार्ट-अप और उद्यमों में प्रवेश करने वाले युवाओं के लिए एक सहयोगी पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर रहा है। वर्ष 2028 तक प्रत्येक जिले में पाँच स्टार्ट-अप स्थापित करने का लक्ष्य है, जिनमें से प्रत्येक 100 से अधिक रोजगार सृजित करेगा। वर्तमान में लगभग 600 स्टार्ट-अप इस मंच से जुड़े हुए हैं।
अभियान के गार्गी अध्याय के अंतर्गत बिहार के 16 जिलों में 30 निःशुल्क शिक्षा केंद्र संचालित हो रहे हैं, जहाँ 2,000 से अधिक वंचित बच्चे निःशुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त बिहार से बाहर निवास करने वाले 103 व्यक्ति, जिनमें कई विदेश में रह रहे हैं, अभियान से प्रेरित होकर अपने गाँवों और पंचायतों के विकास में सक्रिय योगदान दे रहे हैं।
लेट्स इंस्पायर बिहार विकसित भारत @ 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप एक राष्ट्रीय अभियान के रूप में निरंतर उभर रहा है। आगामी महीनों में बिहार तथा अन्य राज्यों में कई राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम निर्धारित हैं, जो इसके एक संरचित विकास मंच के रूप में विकसित होने को दर्शाते हैं।
श्री विकास वैभव, आईपीएस का संबोधन
स्वागत भाषण देते हुए श्री विकास वैभव ने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद उपस्थित होने के लिए केंद्रीय मंत्री श्री गिरिराज सिंह, उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा और मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी मंत्रियों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों, गणमान्य व्यक्तियों एवं प्रतिभागियों, जिनमें लंदन, दुबई और वियतनाम से आए प्रतिनिधि भी शामिल थे, को धन्यवाद दिया।
उन्होंने जानकारी दी कि पूर्व दिवस तक 5,000 व्यक्तियों ने कार्यक्रम हेतु पंजीकरण कराया था। अभियान की उत्पत्ति को स्मरण करते हुए उन्होंने 12 जनवरी 2021 की पटना की उस घटना का उल्लेख किया, जब मात्र तीन व्यक्तियों ने बिहार के भविष्य के प्रति आशावाद व्यक्त किया था। उन्होंने तब संकल्प लिया कि यदि आज तीन विश्वास करते हैं, तो कल हजारों करेंगे। आज 3.5 लाख से अधिक लोग इस अभियान से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बल दिया कि तालकटोरा स्टेडियम में उपस्थित यह सभा मात्र भीड़ नहीं, बल्कि बिहार के विकास में योगदान हेतु प्रतिबद्ध व्यक्तियों का संगम है। उनके अनुसार उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति परिवर्तन के संकल्प का प्रतिनिधित्व करता है।
भोपाल में अपने विद्यालयीन दिनों को स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि “बिहारी” शब्द का अपमानजनक रूप से प्रयोग कर उनका उपहास किया जाता था। उन्होंने प्रश्न किया कि नालंदा, विक्रमशिला, वैशाली, विश्व के प्रथम गणतांत्रिक गणराज्य, और शून्य की अवधारणा देने वाली भूमि को कलंकित कैसे किया जा सकता है। उसी अनुभव ने बिहार की अस्मिता को पुनर्स्थापित करने के उनके संकल्प को आकार दिया।
जाति पर अपनी टिप्पणी स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में भी जातियां थी, परंतु आज दिखाई देने वाला कठोर और विनाशकारी जातिवाद उस समय समाज की परिभाषा नहीं था। यदि ऐसा क्रूर जातिवाद होता, तो बिहार में नंद वंश का उदय संभव न होता। यदि ऐसे विभाजन हावी होते, तो चाणक्य नेतृत्व गढ़ते समय संकीर्ण पहचानों से परे खोज न करते। उन्होंने कहा, “हम तब भिन्न लोग थे,” और जोड़ा कि एलआईबी जाति, समुदाय, धर्म और लिंग से परे लोगों को एकजुट करने का प्रयास करता है।
उन्होंने पुनः दोहराया कि कोई बाहरी व्यक्ति बिहार को परिवर्तित नहीं करेगा; इसकी जिम्मेदारी स्वयं बिहारवासियों को लेनी होगी। लक्ष्य ऐसा बिहार बनाना है जहाँ स्वास्थ्य, शिक्षा या रोजगार के लिए किसी को पलायन न करना पड़े। इसके लिए प्रत्येक पंचायत तक पहुँचने वाली स्टार्ट-अप क्रांति तथा बचपन से ही उद्यमशील आकांक्षा का विकास आवश्यक है। उन्होंने भूमि एवं राजस्व विवादों के समाधान हेतु उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा के प्रयासों की भी सराहना की और कहा कि औद्योगिक विकास के लिए ऐसे संरचनात्मक सुधार अनिवार्य हैं।
माननीय केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह का वक्तव्य
श्री गिरिराज सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की समग्र प्रगति के लिए बिहार का विकास अपरिहार्य है। उन्होंने कहा कि बिहार ऐतिहासिक रूप से भारत का बौद्धिक एवं सभ्यतागत केंद्र रहा है और अब उसे देश के आर्थिक एवं औद्योगिक परिदृश्य में अपना यथोचित स्थान पुनः प्राप्त करना चाहिए। उन्होंने वस्त्र, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा ग्रामीण उद्योग जैसे क्षेत्रों में विशाल रोजगार सृजन क्षमता की ओर संकेत किया।
उन्होंने श्री विकास वैभव की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत संकल्प को एक संरचित, अनुशासित और राष्ट्रव्यापी नागरिक अभियान में रूपांतरित किया है। उन्होंने लेट्स इंस्पायर बिहार को एक रचनात्मक एवं दूरदर्शी पहल बताया, जो लोगों को विकास की जिम्मेदारी लेने हेतु प्रेरित कर लोकतांत्रिक भावना को सुदृढ़ करती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र, राज्य सरकार और एलआईबी जैसे नागरिक मंचों के समन्वित प्रयासों से बिहार उद्यमिता एवं विनिर्माण का सशक्त केंद्र बन सकता है।
माननीय उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा का वक्तव्य
अपने संबोधन में श्री विजय कुमार सिन्हा ने एक समान विकास लक्ष्य के अंतर्गत तीन लाख से अधिक लोगों को संगठित करने के लिए श्री विकास वैभव के दृष्टिकोण एवं धैर्य की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि लेट्स इंस्पायर बिहार सामाजिक समरसता एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता पर आधारित सकारात्मक नागरिक जागरण का प्रतिनिधित्व करता है।
उन्होंने कहा कि पारदर्शी शासन और संरचनात्मक सुधार बिहार के रूपांतरण की आधारशिला हैं। अपने विभाग की पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि लंबित भूमि एवं राजस्व विवादों के समाधान हेतु व्यवस्थित प्रयास किए जा रहे हैं, क्योंकि भूमि स्वामित्व की स्पष्टता और प्रशासनिक दक्षता औद्योगिक निवेश और स्टार्ट-अप विस्तार के लिए अनिवार्य पूर्वशर्त हैं।
उन्होंने पंचायत स्तर तक उद्यमिता पर एलआईबी के बल की सराहना की और औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन एवं सामाजिक एकता को बढ़ावा देने वाली पहलों में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जब नागरिक अभियान शासन सुधारों के साथ संरेखित होते हैं, तब परिवर्तनकारी बदलाव संभव होता है।
माननीय उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल का वक्तव्य
डॉ. दिलीप जायसवाल ने बिहार डेवलपमेंट समिट 2026 को एक गंभीर और नीतिनिष्ठ मंच बताया, जो सरकार के विकास एजेंडा का पूरक है। उन्होंने श्री विकास वैभव की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि लेट्स इंस्पायर बिहार ने उद्यमियों, नीति-निर्माताओं और युवाओं को जोड़ने वाला एक संरचित तंत्र विकसित किया है।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक विस्तार और सड़क अवसंरचना विकास को समानांतर रूप से आगे बढ़ाना आवश्यक है ताकि एक सतत आर्थिक ढाँचा निर्मित हो सके। उन्होंने निवेशक-अनुकूल नीतियों, बेहतर संपर्कता और स्टार्ट-अप प्रोत्साहन पर बिहार सरकार के ध्यान को पलायन रोकने और स्थानीय रोजगार सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि उद्यमिता-आधारित विकास आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण की कुंजी है और प्रत्येक जिले में पाँच स्टार्ट-अप स्थापित करने के एलआईबी के दृष्टिकोण को सरकार के औद्योगिक रोडमैप के अनुरूप बताया। उन्होंने विकसित बिहार @ 2047 के लक्ष्य को आगे बढ़ाने वाली पहलों को निरंतर नीतिगत समर्थन एवं संस्थागत सहयोग का आश्वासन दिया।
माननीय सांसद, खगड़िया, श्री राजेश वर्मा का वक्तव्य
श्री राजेश वर्मा ने बिहार डेवलपमेंट समिट 2026 के पैमाने और गंभीरता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास युवाओं और उद्यमियों में विश्वास निर्माण के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि लेट्स इंस्पायर बिहार ने सकारात्मक ऊर्जा को एक संरचित विकास अभियान में रूपांतरित किया है। उन्होंने श्री विकास वैभव की प्रतिबद्धता की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह अभियान बिहार की पहचान पर गर्व जगाने के साथ रोजगार एवं औद्योगिक विकास के व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत कर रहा है।
पूर्व सांसद, जहानाबाद, श्री अरुण कुमार का वक्तव्य
श्री अरुण कुमार ने कहा कि बिहार डेवलपमेंट समिट बिहार के विकास विमर्श में नागरिक उत्तरदायित्व के एक नए चरण का संकेत है। उन्होंने विकास वैभव के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि लेट्स इंस्पायर बिहार ने एक ऐसा मंच निर्मित किया है जहाँ बौद्धिक संवाद, उद्यमिता और सामाजिक एकता का संगम होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे सामूहिक प्रयास पलायन रोकने और बिहार की ऐतिहासिक प्रतिष्ठा पुनर्स्थापित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
बिहार डेवलपमेंट समिट 2026 में बिहार एवं देश के विभिन्न भागों से अनेक जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। उल्लेखनीय उपस्थितजनों में विधायक श्री मिथिलेश तिवारी; विधान परिषद सदस्य श्री सच्चिदानंद राय; विधायक श्री रजनीश कुमार; विधायक श्री रत्नेश कुशवाहा; विधायक श्री राजीव रंजन सिंह; विधान परिषद सदस्य डॉ. संजय मयूख; श्रीमती मीना सिंह; पूर्व सांसद श्री राजकुमार सिंह; पूर्व विधायक; तथा सुलभ इंटरनेशनल की कार्यकारी संयोजक श्रीमती नित्या पाठक; कवि नीलोत्पल मृणाल; बिस्कोमान के अध्यक्ष विशाल सिंह; अमाल्फी ग्रैंड, पटना के निदेशक कुमार राहुल नमन; अवसर के प्रबंध निदेशक नवनीत कुमार; संजीव मुकेश; किशलय किशोर; आलोक कुमार रंजन सहित अनेक अन्य सम्मानित विधायक एवं विधान परिषद सदस्य शामिल रहे, जिन्होंने अपनी उपस्थिति से आयोजन की शोभा बढ़ाई और अभियान को समर्थन प्रदान किया।
समिट में लेट्स इंस्पायर बिहार मंच के प्रमुख सदस्यों एवं समन्वयकों की सक्रिय उपस्थिति भी रही, जिन्होंने कार्यक्रम के विभिन्न खंडों के आयोजन एवं संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनमें अंकित कुमार, प्रभाकर राय, आशीष रंजन, मंगलम कुमार, ओ.पी. सिंह, मोहन झा, मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री बिनायक प्रसाद, सरोज कुमार, ए.के. झा, कृष्ण कुमार, लव कुमार सिंह, श्वेता सुरभि, प्रभात भारद्वाज, ज्योति झा, नूतन पांडेय, यश उपाध्याय, अमित ठाकुर, अनिल झा, सोनू शर्मा, रोहित पटेल, श्री आकाश मिश्रा, सोनू ठाकुर, गणेश जी, डॉ. रजनीश वर्मा, श्री कन्हैया कुमार, उदय प्रताप, लंदन से श्रीमती लक्ष्मी जी तथा अभियान के विभिन्न अध्यायों से जुड़े अनेक समर्पित स्वयंसेवक एवं पदाधिकारी शामिल रहे। उनके समन्वित प्रयासों से अतिथियों का गरिमामय सम्मान और समिट की कार्यवाही का सुचारु संचालन सुनिश्चित हुआ।
इसके अतिरिक्त इस विशिष्ट सभा में वरिष्ठ सामाजिक नेता, नीति-विचारक, सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि, उद्यमी, स्टार्ट-अप संस्थापक, बैंकर, शिक्षाविद एवं लेट्स इंस्पायर बिहार मंच से जुड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि—जिनमें लंदन, दुबई और वियतनाम से जुड़े योगदानकर्ता भी शामिल थे—उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने अभियान की विस्तृत राष्ट्रीय एवं वैश्विक उपस्थिति को प्रतिबिंबित किया और इसे विकसित भारत @ 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप एक गंभीर विकास मंच के रूप में स्थापित किया।
लेट्स इंस्पायर बिहार के राष्ट्रीय प्रवक्ता रोहित कुमार ने कहा कि बिहार डेवलपमेंट समिट 2026 की ऐतिहासिक सफलता लेट्स इंस्पायर बिहार को एक गंभीर विकास मंच के रूप में बढ़ती राष्ट्रीय स्वीकृति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एवं राज्य नेतृत्व की उपस्थिति, हजारों प्रतिभागियों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की सहभागिता अभियान के दृष्टिकोण में बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। उन्होंने जोड़ा कि एलआईबी बिहार के रूपांतरण हेतु सामूहिक बौद्धिक एवं उद्यमशील पूंजी को संगठित करने के लिए भारत और विदेशों में अपने विस्तार को निरंतर आगे बढ़ाएगा।
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में एलआईबी के मुख्य समन्वयक इंद्रमोहन यादव ने कहा कि तालकटोरा स्टेडियम में समिट का सफल आयोजन विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत एलआईबी स्वयंसेवकों की सामूहिक शक्ति और समन्वय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि दिल्ली-एनसीआर अध्याय ने यह सुनिश्चित करने हेतु समर्पण के साथ कार्य किया कि कार्यक्रम अभियान की गंभीरता और गरिमा को प्रतिबिंबित करे। उन्होंने सभी गणमान्य व्यक्तियों, समन्वयकों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस समिट ने सामूहिक उत्तरदायित्व के माध्यम से विकसित बिहार के निर्माण के संकल्प को और सुदृढ़ किया है।
उपसंहार
तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित बिहार डेवलपमेंट समिट 2026 विशिष्ट योगदानकर्ताओं के सम्मान और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के अंतर्गत विकसित बिहार के निर्माण के सामूहिक संकल्प की पुनर्पुष्टि के साथ संपन्न हुआ। वातावरण साझा उद्देश्य, उत्तरदायित्व और विचारों को जिला एवं पंचायत स्तर पर क्रियान्वित परिणामों में रूपांतरित करने के नवसंकल्प से ओत-प्रोत रहा।
यह समिट लेट्स इंस्पायर बिहार की यात्रा में एक निर्णायक मील का पत्थर सिद्ध हुआ—जिसने यह प्रदर्शित किया कि दूरदर्शी नेतृत्व, नागरिक उत्तरदायित्व, संस्थागत सहयोग और समन्वित जनभागीदारी मिलकर बिहार की विकास यात्रा को पुनर्परिभाषित कर सकते हैं। यह केवल एक पारंपरिक सभा नहीं, बल्कि एक संरचित राष्ट्रीय मंच के रूप में उभरा, जिसने बौद्धिक विमर्श, उद्यमशील आकांक्षा और शासन सुधारों को विकसित भारत @ 2047 के दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ संरेखित किया। सहभागिता का व्यापक पैमाना, प्रतिनिधित्व की विविधता और विमर्श की गंभीरता ने सामूहिक रूप से यह स्पष्ट किया कि अभियान एक निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है—जहाँ आकांक्षा क्रमशः बिहार के पुनरुत्थान हेतु संगठित कार्रवाई में परिवर्तित हो रही है।