पितृपक्ष मेला को अंतरराष्ट्रीय मेला घोषित कराने हेतु प्रदर्शन, हस्ताक्षर अभियान

-पोस्टकार्ड वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ -काँग्रेस .
विश्वनाथ आनंद
गया जी (बिहार)-विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला को अंतरराष्ट्रीय मेला घोषित कराने हेतु विष्णुपद मन्दिर परिसर मे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर, हस्ताक्षर अभियान एवं पोस्टकार्ड वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।कार्यक्रम में शामिल बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू, नारायण मर्मज्ञ दीपू लाल भैया, केशव लाल मेहरवार, पुरुषोत्तम पांडा, जिला कॉंग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, राम प्रमोद सिंह, युवा कॉंग्रेस अध्यक्ष विशाल कुमार, विपिन बिहारी सिन्हा,विद्या शर्मा, प्रदीप शर्मा, शंभू शरण सिंह, मदन सिंह, बृजेश राय, मदीना खातून, टिंकू गिरी, राजीव कुमार सिंह उर्फ लबी सिंह, धीरज कुमार वर्मा, बी एस पांडे, विनोद यादव, आदि ने कहा की गयाजी वासियों के वर्षों से विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला को अंतरराष्ट्रीय मेला घोषित कराने की मांग को अनदेखी कर केंद्र एवं राज्य सरकार गुंगी- बहरी बनी हुई है,
यहां तक कि गया के सांसद केंद्रीय लघु उद्योग मंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी द्वारा 2024 से ही इस सम्बंध में किए जा रहें मांग एवं अनुशंसा को भी केंद्रीय पर्यटन, सांस्कृतिक मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ठंढे बस्ते में डाल दिया गया है।
नेताओ ने कहा की पितृपक्ष मेला में प्रति वर्ष लाखों- लाख की संख्या में देश, विदेश से हिन्दू धर्मावलंबी पिंडदान करने आते है, जिन्हें बेहतर सुविधा एवं इंतजामात हेतु मेला के राजकीय दर्जा से पूरी नहीं हो पाती है, जिसे सरकार को अन्तरराष्ट्रीय मेला घोषित करना नितांत आवश्यक है।अन्तरराष्ट्रीय मेला घोषित होने से सम्पूर्ण विश्व के लगभग सभी प्रमुख देशों में रहने वाले हिन्दुओ को मोक्ष एवं ज्ञान की धरती गया- बोधगया आने-जाने की रेल, सड़क, एवं वायु तीनों मार्गों की बेहतर सुविधा मुहैया होने के साथ-साथ अब सालोंभर गयाजी आने वाले तीर्थयात्रियों को अच्छी सुविधा प्राप्त होगी।नेताओ ने कहा कि 22 अगस्त 2025 को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के गया- बोधगया दौरा एवं कार्यक्रम में आने के बाद भी पितृपक्ष मेला के बारे में कोई घोषणा नहीं करने से अब एकमात्र रास्ता चरणबद्ध आंदोलन ही है।नेताओ ने कहा पितृपक्ष मेला शुरू होने के पंद्रह दिनों पहले से सभी प्रमुख बेदीयों के पास हस्ताक्षर अभियान, पोस्टकार्ड वितरण का कार्य किया जागेगा, तथा हज़ारों हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन केंद्रीय पर्यटन संस्कृति मंत्री को भेजा जाएगा।