भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की 38वीं पुण्यतिथि पर नंदवंशी चेतना मंच वजीरगंज गया के तत्वाधान में किया गया भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित- प्रभाकर कुमार

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विश्वनाथ आनंद .
गया जी (बिहार)- बिहार के पूर्व मुख्यमंत्नी भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि पर नंदवंशी चेतना मंच वजीरगंज गया के कार्यकर्ताओं एवं समर्थको ने भाविनी श्रद्धांजलि अर्पित किया. उक्त जानकारी नंदवंशी चेतना मंच वजीरगंज गया के मीडिया प्रभारी प्रभाकर कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहीं . उन्होंने जारी प्रेस विज्ञप्ति में आगे कहा है कि कर्पूरी ठाकुर एक ऐसे नेता थे, जिन्होंने अपने जीवन को समाज के पिछड़े और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया था।

भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर का जन्म 24 जनवरी, 1924 को समस्तीपुर के पितौंझिया गांव में हुआ था। उन्होंने अपनी शिक्षा ताजपुर के प्राथमिक विद्यालय में प्राप्त की और आगे चलकर कर्पूरी ठाकुर ने अपने पहले और अंतिम भाषण में कहा था कि “हमने जमीन बांटने के लिए सन 1948 ई. में, 1949 ई. में, 1950 ई. में, 1951 ई. में, और 1952 ई. में बड़े-बड़े प्रदर्शन किए.उन्होंने आगे कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1942 में महात्मा गांधी के भारत छोड़ो आंदोलन से की। उन्होंने 1977 में ओबीसी के लिए आरक्षण लागू किया, जिससे बिहार देश का पहला राज्य बन गया। उन्होंने 8वीं तक की शिक्षा मुफ्त कर दी और उर्दू को दूसरी राजकीय भाषा का दर्जा दिया|भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर की विरासत आज भी प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने समाज के पिछड़े और वंचित वर्गों के लिए जो काम किया, वह आज भी याद किया जाता है। उनकी पुण्यतिथि पर, हम उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेते हैं|