बिहार के सभी 534 प्रखंडों में किसान- मजदूर के मसीहा स्वामी सहजानंद सरस्वती की प्रतिमा स्थापित हो- कॉंग्रेस
विश्वनाथ आनंद .
गया जी (बिहार)-भारत के कार्ल मार्क्स कहे जाने वाले, महान स्वतन्त्रता सेनानी, किसान- मजदूर के मसीहा स्वामी सहजानंद सरस्वती की जयंती के अवसर पर गया से छोटी गाडियों से पटना के कृष्णा नगर स्थित स्वामी सहजानंद सरस्वती पार्क पहुच कर वहां स्थित उनके आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर बिहार सरकार से राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों में इनकी प्रतिमा स्थापित करने की मांग की गई।इस कार्यक्रम में शामिल बिहार प्रदेश के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, बाबूलाल प्रसाद सिंह, दामोदर गोस्वामी, विद्या शर्मा, आदि ने कहा कि स्वामी सहजानन्द सरस्वती का नारा जो अन्न- वस्त्र उपजायेगा, शासन वहीं चलाएगा, भारत देश उसी का है,
कानून वहीं बनाएगा तथा भगवान और रोटी दोनों बडे है, लेकिन रोटी भगवान से ज्यादा जरूरी है ,शत प्रतिशत सत्य एवं आज भी प्रासंगिक है।नेताओं ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती मध्य- दक्षिण बिहार के किसानों के बीच बेहद लोकप्रिय थे, यहां के किसान इनके नाम से गांव- गांव, खेत- खलिहान में गाना गाते थे कि लेलन स्वामी सहजानंद सरस्वती अवतार हरे लन् दुःख किसान- मजदूर के।नेताओं ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती की आदमकद प्रतिमा बिहार के सभी प्रखंडों में स्थापित होने एवं इनकी जयंती को किसान- मजदूर दिवस के रूप में मनाने से इनके विचार जन- जन में पहुंचेगा।।