मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के स्नातकोत्तर रसायन विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी
DHIRAJ.
बोधगया…मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के स्नातकोत्तर रसायन विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी ”
कॉन्वोल्व 2026″ के सफल आयोजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में आज दिनांक 06 अप्रैल को अपराह्न 3:00 बजे कुलपति कक्ष में संगोष्ठी की आधिकारिक ब्रोशर का विधिवत विमोचन किया गया है। यह प्रतिष्ठित संगोष्ठी 28–29 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी, जिसे ANRF नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित किया गया है।
ब्रोशर का विमोचन मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो शशि प्रताप शाही के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ बी के मंगलम, प्रो उपेंद्र कुमार कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स पटना कॉलेज विकास परिषद के निदेशक प्रो संजय तिवारी, रसायन विज्ञान विभाग के प्रभारी डॉ अतुल कुमार श्रीवास्तव, वित्त पदाधिकारी इंद्र कुमार सिंह तथा विभाग के प्राध्यापकगण डॉ सुमित कुमार, डॉ पार्थ प्रतिम दास, डॉ शिप्रा सोलंकी एवं डॉ विकास मंडल की गरिमामयी उपस्थिति रही है।अपने संबोधन में कुलपति प्रो शशि प्रताप शाही ने रसायन विज्ञान विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की संगोष्ठियाँ न केवल शिक्षकों एवं शोधार्थियों के लिए ज्ञान-विस्तार का माध्यम बनती हैं, बल्कि नवीन शोध, नवाचार एवं अंतःविषय सहयोग को भी प्रोत्साहित करती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि *कॉन्वोल्व 2026* देश-विदेश के वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों एवं विद्यार्थियों को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जहाँ वे समसामयिक वैज्ञानिक चुनौतियों एवं उनके समाधान पर विचार-विमर्श कर सकेंगे। उन्होंने आयोजन समिति को संगोष्ठी की सफलता हेतु अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ भी प्रदान कीं हू।
इस संगोष्ठी के बारे में जानकारी देते हुए विभाग के प्रभारी डॉ अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इस दो दिवसीय कार्यक्रम में रसायन विज्ञान के विविध उभरते क्षेत्रों—जैसे हरित रसायन पदार्थ विज्ञान औषधीय रसायन पर्यावरण रसायन एवं नैनो प्रौद्योगिकी—पर विशेषज्ञ व्याख्यान, शोध-पत्र प्रस्तुतियाँ तथा विचार-विमर्श सत्र आयोजित किए जाएंगे। देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से प्रख्यात वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं की सहभागिता इस संगोष्ठी को विशेष महत्व प्रदान करेगी।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य रसायन विज्ञान के माध्यम से बदलती वैश्विक चुनौतियों—जैसे पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास, ऊर्जा संसाधन एवं स्वास्थ्य—के समाधान हेतु नवीन दृष्टिकोण विकसित करना है। इसके साथ ही, यह संगोष्ठी युवा शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को अपने शोध कार्यों को प्रस्तुत करने एवं विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने का सुनहरा अवसर प्रदान करेगी।अंत में, आयोजन समिति ने देशभर के शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों से इस महत्वपूर्ण संगोष्ठी में सक्रिय सहभागिता हेतु आमंत्रण भी दिया है।
