महाबोधि कॉलेज बेलागंज के शिक्षक- शिक्षकेतर कर्मचारियों का नीतीश सरकार से वेतनमान, पेंशन हेतु अंतिम गुहार
विश्वनाथआनंद .
गया जी ( बिहार)-महाबोधी कॉलेज बेलागंज के शिक्षक -शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने नीतीश सरकार से वेतनमान पेंशन हेतु अंतिम गुहार लगाया है. शिक्षक शिक्षकेतर कर्मियों ने कहा है कि नीतीश सरकार के शासनकाल में अनुदान दिया और आपसे ही वेतनमान, पेंशन की आश लगाये सूबे के अनुदानित संबद्ध डिग्री कॉलेज के शिक्षक- शिक्षकेतर कर्मचारियों द्वारा आज सम्पूर्ण बिहार में अपने- अपने कॉलेज में नीतीश सरकार की 14 अप्रैल 2026 को होने वाले अंतिम कैबिनेट की बैठक में इसकी घोषणा करने की मांग हेतु एकजुट होकर आवाज बुलंद किया।इसी क्रम में गयाजी जिला अंतर्गत बेलागंज प्रखंड के महाबोधि कॉलेज में शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर नीतीश सरकार से वेतनमान, पेंशन के लिए गुहार लगाई।कार्यक्रम में शामिल महाबोधि कॉलेज के प्राचार्य डॉ अरविंद कुमार, प्रो विजय कुमार मिट्ठू, प्रो बैदेही शरण, प्रो विनोद कुमार टुनी, प्रो मदन कुमार, डॉ अनिल कुमार सिन्हा, प्रो सुनील कुमार, प्रो बृजेश शर्मा, डॉ पुष्पा कुमारी, प्रो रंजीत भारद्वाज, प्रो संजू कुमारी, प्रो नयन तारा, प्रो अश्विनी कुमार, प्रो राजीव कुमार, प्रो अजय कुमार, प्रो दिनेश सिंह, प्रो सुभाषचंद्र शरस, प्रो नरेंद्र कुमार शर्मा, प्रो संजय कुमार पांडेय, प्रो सुनील कुमार,प्रो सत्येंद्र कुमार, प्रो मोहम्मद ऐहसान, प्रो सूर्यदेव यादव, प्रो प्रतिमा कुमारी, सहित शिक्षकेतर कर्मचारियों में राम अनुज शर्मा, भूषण शर्मा, निशांत मुन्ना, धर्मेंद्र कुमार, रामधनी यादव, अभिषेक कुमार, अशोक शर्मा, बैकुंठ शर्मा, निमिष भारद्वाज,रामजी सिंह, त्रिपुरारी सिंह, राम किशोर सिंह संजय शर्मा
, आदि ने कहा की पिछले चालीस वर्षों से राज्य में संचालित सम्बध्द डिग्री कॉलेज के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी के लगातार मांग के उपरांत 2008 में नीतीश सरकार द्वारा ही छात्रों के परीक्षा फल के आधार पर लेट लतीफ अनुदान की शुरुआत की गई, जो अभी 2017 तक ही मिला है, उसमें भी 2018 से 2026 यानी आठ सत्रों का अनुदान बाकी है।शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने कहा विगत कुछ महीनों पहले माननीय पटना उच्च न्यायालय के डबल बेंच से एक फैसला आया कि बिहार के सभी सम्बध्द डिग्री कॉलेज के शिक्षक- शिक्षकेतर कर्मचारियों को सरकारी कॉलेज के तर्ज़ पर समान वेतनमान एवं पेंशन फैसले के तीन माह के भीतर दिया जाये, परंतु राज्य सरकार तीन महीने के अंतिम दिन माननीय सुप्रिम कोर्ट में चली गई, तथा सूबे के सैकड़ों कॉलेज भी सुप्रीम कोर्ट में अपना, अपना आवेदन जमा कर फैसले की आश लगाये हुए हैं।नीतीश सरकार द्वारा राज्य के सभी 534 प्रखंड में डिग्री कॉलेज सुनिश्चित करने हेतु जिन- जिन प्रखंडों में सरकारी और अनुदानित संबद्ध डिग्री कॉलेज है उसे छोड़ शेष 211 प्रखंडों जहां किसी तरह का डिग्री कॉलेज नहीं है वहाँ जुलाई 2026 से नए डिग्री कॉलेज खोलने का फैसला लिया गया है, दुसरी ओर अनुदानित संबद्ध डिग्री कॉलेज के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को नियमित वेतन एवं पेंशन देने हेतु मुख्य सचिव बिहार के नेतृत्व में एक कमिटी का भी गठन किया गया है, परंतु उस कमिटी का रिपोर्ट अभी तक नहीं आया है।सूबे के सभी अनुदानित संबद्ध डिग्री कॉलेज के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों द्वारा आज अपने- अपने कॉलेज में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर नीतीश सरकार से अंतिम गुहार लगाए हैं, ताकि 14 अप्रैल के शाम में इनकी कैबिनेट की अंतिम बैठक में वेतनमान एवं पेंशन की घोषणा कर 40 वर्ष पुरानी मांग पूरी हो सके।
