गया जंक्शन पर एक अखबार के बयूरो चीफ हुए जेबकतरे का शिकार, सीढ़ियों से उतरते वक्त उड़ा लिया पर्स
DHIRAJ.
गया जंक्शन पर मंगलवार को एक अखबार के बयूरो चीफ अपराधियों के शिकार हो गए। जिन्हें पटना आवश्यक कार्य से जाना था, इसलिए वे गया-पटना मेमू पैसेंजर ट्रेन में सवार हो गए ! घटना गया जंक्शन के प्लेटफॉर्म पर सीढ़ियों से उतरते समय हुई। गया के मानपुर स्थित जनकपुर निवासी एक दैनिक समाचार पत्र के बयूरो चीफ सह शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी तथा विशाल प्राइवेट आईटीआई, बोधगया के संस्थापक सदस्य स्वर्गीय बादल सिन्हा के पुत्र एवं महादेवा एंटरप्राइजेज के निदेशक काजल सिन्हा के भतीजा आकाश प्रियदर्शी ने बताया कि उन्हें पटना आवश्यक कार्य जाना था तो वे गया जंक्शन से खुलने वाली ट्रेन 63246 गया-पटना मेमू को पकड़ने के लिए फुट ओवर ब्रिज से होते हुए प्लेटफॉर्म नंबर पर जा रहे थे।
जब सीढ़ियों पर से उतर रहे थे तो भीड़ का फायदा उठाकर अज्ञात अपराधकर्मी ने उनके जिंस पैंट के पिछले पॉकेट से उनका पर्स उड़ा लिया। जिसकी जानकारी उन्हें कुछ देर बाद हुई। श्री प्रियदर्शी ने बताया कि जब उन्होंने जेब में हाथ डाला तो उनका पर्स गायब था। उन्होंने बताया कि पर्स में नकद रुपए, पहचान पत्र एवं अन्य कुछ जरूरी कागजात थे। तब तक ट्रेन भी खुल चुकी थी ! गया जंक्शन पर आए दिन जेबकतरों द्वारा इस तरह के वारदातों को अंजाम देते हैं लेकिन आरपीएफ और जीआरपी का दावा है कि यात्रियों की सुरक्षा में वे हर जगह तैनात हैं। पिछले कुछ दिनों में इस प्रकार की कई घटनाएं सामने आई है। श्री प्रियदर्शी ने रेल एसपी एवं सीनियर कमांडेंट से गया जंक्शन पर सुरक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार की मांग करते हुए अपराधियों को चिन्हित करते हुए अग्रेतर कार्रवाई की मांग की है !
