भव्यता, आस्था और जनशक्ति का अद्भुत संगम — श्री रामनवमी शोभा यात्रा में उमड़ा ऐतिहासिक जनसैलाब.

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DHIRAJ.

गया जी।धर्म, आस्था और सांस्कृतिक एकता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करते हुए गया जी में इस वर्ष आयोजित श्री रामनवमी शोभा यात्रा ने ऐतिहासिक रूप धारण कर लिया। शहर की सड़कों पर उमड़े जनसैलाब ने यह सिद्ध कर दिया कि सनातन आस्था की जड़ें अत्यंत मजबूत हैं और समय के साथ और भी सशक्त होती जा रही हैं। श्री रामनवमी केंद्रीय पूजा समिति के कार्याध्यक्ष क्षितिज मोहन सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि पौराणिक मान्यताओं एवं रामचरितमानस के अनुसार भगवान श्रीराम का जन्म चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मध्याह्न काल में, अभिजीत मुहूर्त के दौरान हुआ था। यह शुभ समय सामान्यतः दोपहर 12:00 बजे से 12:30 बजे के बीच माना जाता है।उन्होंने आगे बताया कि धार्मिक ग्रंथों के अनुसार:
• तिथि एवं समय: चैत्र शुक्ल नवमी, मध्याह्न काल (लगभग 12:00 – 12:30 बजे)
• जन्मस्थान: अयोध्या (कोसल देश)
• नक्षत्र एवं लग्न: पुनर्वसु नक्षत्र एवं कर्क लग्न
• विशेष योग: जन्म के समय सूर्य मेष राशि में तथा अन्य प्रमुख ग्रह उच्च स्थिति में विराजमान थे, जो अत्यंत शुभ और दिव्य संयोग का प्रतीक है।

समिति द्वारा गया जी सहित वाराणसी एवं देश के विभिन्न विद्वानों से गहन विचार-विमर्श के उपरांत यह निर्णय लिया गया कि 26 मार्च 2026 को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:02 बजे से 12:51 बजे तक रहेगा। इसी के अनुरूप शोभा यात्रा को दोपहर 12 बजे के बाद प्रारंभ किया गया, जिससे धार्मिक परंपराओं का पूर्ण पालन सुनिश्चित हो सके। इस सुनियोजित निर्णय का प्रभाव यह रहा कि इस वर्ष की शोभा यात्रा में अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ा है। गया शहर की प्रमुख सड़कों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली, जिसने इसे अब तक की सबसे विशाल, भव्य और ऐतिहासिक शोभा यात्रा बना दिया। विशेष रूप से मातृशक्ति की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने पूरे आयोजन को दिव्यता प्रदान की है। पारंपरिक वेशभूषा में सम्मिलित महिलाओं की उपस्थिति ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि सनातन संस्कृति के इस महापर्व को अब कोई भी शक्ति रोक नहीं सकती।
इसी क्रम में केंद्रीय पूजा समिति के महामंत्री मणिलाल बारीक ने स्पष्ट किया कि यह शोभा यात्रा पूर्णतः धार्मिक परंपराओं एवं पंचांग के अनुसार आयोजित की गई है। यह किसी भी प्रकार के दबाव में नहीं निकाली गई, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों में आयोजित हो रही यात्राओं के अनुरूप सनातन परंपरा का पालन करते हुए इसका आयोजन किया गया है। श्री रामनवमी केंद्रीय पूजा समिति ने गया जी के सभी सनातन श्रद्धालुओं, युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं मातृशक्ति के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आप सभी के सहयोग, समर्पण और आस्था के कारण यह आयोजन ऐतिहासिक सफलता प्राप्त कर सका।