जदयू जिला कार्यालय में डा. राम मनोहर लोहिया का जयंती और शहीद भगत सिंह का शहादत दिवस मनाया गया
DHIRAJ.
गया जी।जदयू जिला कार्यालय में जिला अध्यक्ष अजय कुशवाहा के अध्यक्षता में महान स्वतंत्रता सेनानी समाजवादी विचारक डा. राम मनोहर लोहिया का जयंती और क्रांतिकारी नेता शहीद भगत सिंह का शहादत दिवस मनाया गया है।अजय कुशवाहा ने कहा की डॉ. लोहिया मानव की स्थापना के पक्षधर समाजवादी थे। वह समाजवादी भी इस अर्थ में थे कि, समाज ही उनका कार्यक्षेत्र था और वह अपने कार्यक्षेत्र को जनमंगल की अनुभूतियों से महकाना चाहते थे। वह चाहते थे कि व्यक्ति-व्यक्ति के बीच कोई भेद, कोई दुराव और कोई दीवार न रहे। सब जन समान हो, सब जन का मंगल हो।प्रवक्ता अवध बिहारी पटेल ने कहा की डा. लोहिया सदा ही विश्व-नागरिकता का सपना देखा था। वह मानव-मात्र को किसी देश का नहीं बल्कि विश्व का नागरिक मानते थे। जनता को वह जनतंत्र का निर्णायक मानते थे। डॉ. लोहिया अक्सर यह कहा करते थे कि उन पर केवल दो आदमियों का प्रभाव रहा, एक मार्क्स का, दूसरे महात्मा गांधी का।
स्वतंत्र भारत की राजनीति और चिंतन धारा पर जिन गिने-चुने लोगों के व्यक्तित्व का गहरा असर हुआ है, उनमें डॉ. राममनोहर लोहिया प्रमुख रहे हैं। भारत के स्वतंत्रता युद्ध के आखिरी दौर में इनकी भूमिका बड़ी महत्वपूर्ण रही है।वक्ताओं ने कहा की आज की सक्रिय राजनीत में एक मात्र समाजवादी नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं जो लोहिया के विचारों को आगे बढ़ाने का काम किया है।वक्ताओं ने कहा की शहीद भगत सिंह भारत के सबसे प्रभावशाली स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे। मात्र 23 वर्ष की आयु में, उन्होंने राजगुरु और सुखदेव के साथ मिलकर 23 मार्च 1931 को लाहौर जेल में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ फांसी के फंदे को चूम लिया है। वे न केवल एक क्रांतिकारी थे, बल्कि एक चिंतक, लेखक और समाजवादी विचारक भी थे, जिन्होंने ‘इंकलाब जिंदाबाद’ का नारा दिया है।
भगत सिंह एक प्रखर पाठक थे, जिन्होंने जेल में “मैं नास्तिक क्यों हूँ” जैसी प्रसिद्ध रचनाएं लिखीं हैं।
उनका मानना था कि असली आजादी का मतलब केवल गोरे अंग्रेजों का जाना नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक असमानता का अंत है।
भगत सिंह का जीवन और उनके “वे मेरे शरीर को कुचल सकते हैं, लेकिन मेरे विचारों को नहीं” जैसे उद्धरण आज भी युवाओं को प्रेरित करते हैं। इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।इस मौके पर महानगर अध्यक्ष राजू बर्नवाल, प्रवक्ता अवध बिहारी पटेल, ज्योती दांगी बबन चंद्रवंशी, कुंडल वर्मा, शहजाद शाह, पुष्पेंदु दांगी,जितेंद्र दास, अरविंद वर्मा ,दयानंद विश्वकर्मा, पप्पू दांगी, प्रभात राउत, मुस्तकिम रंगरेज,मधुसूदन राय, कैलाश पासवान, दिनेश सिंह,नरेश कुशवाहा, इरशाद अहमद, बीरेंद्र चंद्रवंशी, उमेश गुप्ता, सुलतान अहमद सहित कई नेता कार्यकर्ता उपस्थित थे।
