डॉ जगन्नाथ की राजनीति समर्पित जनसेवा का पर्याय थी :- डॉ विवेकानंद मिश्र

विश्वनाथ आनंद .
गया जी( बिहार)- बिहार प्रदेश के यशस्वी राजनेता डॉ जगन्नाथ मिश्रा की षष्ठ पुण्यतिथि के अवसर पर डॉ विवेकानंद मिश्र के गोलबगीचा स्थित आवास पर एक श्रद्धांजलि–सभा संपन्न हुई। विदित हो कि डॉ. विवेकानंद मिश्र का डॉ. जगन्नाथ मिश्र से निकटतम पारिवारिक सम्बन्ध रहा है, अतः इस अवसर का आयोजन उनके आवास पर विशेष भाव–सम्पन्नता के साथ किया गया।सभा की अध्यक्षता भारतीय राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा एवं कौटिल्य मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा मानवाधिकार संरक्षण प्रतिष्ठान के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव डॉ. विवेकानंद मिश्र ने की। उन्होंने कहा – “डॉ. जगन्नाथ मिश्र केवल बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ही नहीं थे, वे जनता की आत्मा और समाज की चेतना के ध्वजवाहक भी थे। उनकी राजनीति जनसेवा में समर्पित थी,सेवा का पर्याय थी। उन्होंने समाज के हर वंचित और उपेक्षित वर्गों के उत्थान हेतु अथक प्रयत्न किया। काश आज उनके कार्य और आदर्श से प्रेरणा लेकर लोकनीति का अर्थ केवल शासन नहीं, बल्कि समासेवा समझते तो आज की वर्तमान दुर्वह स्थिति देखने को नहीं मिलती.सम्मानित साहित्यकार आचार्य राधा मोहन मिश्र माधव ने कहा कि डॉक्टर साहब प्रख्यात शिक्षाविद, अर्थशास्त्री के साथ ही मूल्य की राजनीति के पुरोधा पुरुष थे।
जन- सम्पर्क में विश्वास रखने वाले मिलनसार व्यक्ति, संपर्कियों के दुख-सुख के सहभागी नेक इंसान भी थे। बिहार के शिक्षाक्षेत्र के उन्नयन में उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा।इस अवसर पर प्रसिद्ध समाजसेवी आचार्य सचिदानन्द मिश्र ने भी अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा – “डॉ. जगन्नाथ मिश्र ने बिहार को शिक्षा और ग्राम–विकास की जो दृष्टि प्रदान की, वह आज भी अनुकरणीय है। उनकी वाणी और आचरण में लोकमंगल की झलक थी।महिला हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा बाराचट्टी विधायक ज्योति मांझी ने अपने उद्बोधन में कहा– “उनकी स्मृति आज भी हमें प्रेरित करती है कि हम समाज के अंतिम छोर तक ज्ञान, संस्कृति और विकास का दीपक पहुँचाएँ।”इस अवसर पर जिन प्रमुख व्यक्तियों ने डॉक्टर साहब के चरणों पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए उनमें डॉक्टर रविंद्र कुमार डॉक्टर दिनेश सिंह बालेश्वर प्रसाद सिद्धार्थ कुमार संदीप मिश्रा बृजेश मिश्रा मनीष कुमार डॉक्टर ज्ञानेश भारद्वाज प्रोफेसर अशोक कुमार राहुल मिश्रा सूरज कुमार एवं अजय प्रसाद गुप्ता राहुल कुमार दिव्या मांझी पवन मिश्रा सुनीता देवी पार्वती देवी डॉक्टर मृदुला मिश्रा चांदनी कुमारी प्रोफेसर रीना सिंह नीलम कुमारी तस्लीम नुसरत इशरत जमीन मोहम्मद आरिफ अधिवक्ता दीपक पाठक डिंपल कुमारीआदि हैं।सभा में उपस्थित अन्य विद्वानों ने भी अपने विचार प्रकट किए और स्वर्गीय डॉ. मिश्र के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का स्मरण करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।