सीयूएसबी में मगही की पढ़ाई शुरू करने पर होगा विचार- हिमांशु शेखर

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विश्वनाथ आनंद .
टिकारी (बिहार)-साहित्यकार व समाजिक कार्यकर्त्ता हिमांशु शेखर ने सीयूएसबी, गया जी के भारतीय भाषा विभागाध्यक्ष प्रो. सुरेश चंद्र को राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ का तैलीय चित्र भेंट किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय में इस क्षेत्र की मातृभाषा मगही की पढ़ाई शुरू कराने का आग्रह किया।प्रो. सुरेश चंद्र ने आश्वस्त किया कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस दिशा में गंभीरतापूर्वक विचार कर रहा है और शीघ्र ही मगही भाषा की पढ़ाई शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ-साथ स्थानीय विद्यार्थियों को अकादमिक लाभ मिलेगा।

श्री शेखर ने कहा है कि मातृभाषा में सीखने की क्षमता अधिक होती है। मातृभाषा को अपनाकर भारत फिर से विश्वगुरु बन सकता है। इस भेंट में शामिल शिक्षाविद अबरार आलम ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय में मगही भाषा की पढ़ाई शुरू होने से इस अंचल की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलेगी और शोध व रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।