दोनैया बराज से निकले नहर में सालों भर पानी उपलब्ध कराने हेतु प्रदर्शन एवं महाधरना कार्यक्रम आयोजित
विश्वनाथ आनंद .
गया जी ( बिहार)-पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज दिनांक 11 अप्रैल 2026 को फतेहपूर प्रखंड के सोहजना- दोनैया गांव के पास ढाढर नदी पर बने बाराज के पास कॉंग्रेस पार्टी के नेता, कार्यकर्ता एवं स्थानीय किसान- मजदूर ने शांतिपूर्ण महाधरना एवं प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित कर 62 वर्ष पूर्व की परिकल्पना ढाढर सिचाई परियोजना में सालों भर पानी की उपलब्धता हेतु केंद्र एवं राज्य सरकारों से मांग दोहराया।महाधरना एवं प्रदर्शन कार्यक्रम में उपस्थित बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू, फतेहपूर प्रखंड कॉंग्रेस कमिटी के अध्यक्ष बालमुकुंद पांडेय, युवा कॉंग्रेस अध्यक्ष अरविंद कुमार यादव, पंकज कुमार पंकज, इंटक के जिला महासचिव टिंकू गिरी बुलंद अख्तर, प्रयाग यादव, सुरेंद्र शर्मा, ब्रह्मदेव पासवान, मोहम्मद शाहनवाज, बालेश्वर यादव, पंकज कुमार, आदित्य कुमार, नीतीश कुमार, राजा साह, नौशाद शाह आदि ने ढाढर परियोजना के वर्षों से लंबित पानी की समस्या का समाधान करो, बिहार सरकार एवं झारखंड सरकार से पानी की समस्या को अविलंब सुलझाना होगा, आदि नारों को बुलंद करते हुए घंटों जमे रहे।
नेताओं ने कहा कि गयाजी, जहानाबाद , नवादा, नालंदा जिला के लाखों हेक्टेयर जमीन को सिंचित करने के उद्देश्य से बना ढाढर परियोजना सिर्फ बारिश की पानी का स्टोरेज बन कर रह गया है, चार जिलों के सिचाई का सपना अब चार गांवों तक सिमट कर रह गया है।
नेताओं ने कहा कि 20 अगस्त 2020 को सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा 300 करोड़ के लागत से बने बराज का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन के बाद झारखंड से पानी के करार होने के बाद भी अभी तक एक बूंद पानी नहीं मिलने से पूरी तरह मरू भूमि बना हुआ है।
कई दशकों से झारखंड के तिलैया जलाशय से पानी की आश में बैठे दक्षिण बिहार के बड़े हिस्से में किसान खेती के लिए आज भी बारिश, बिज़ली, डीज़ल पर आश्रित हैं। सौहजना बराज के दोनों ओर नहर निकलने की योजना थी, फिलहाल एक नहर रामपुर शाखा 26 किलोमीटर लंबा नहर निकाला गया है, जिससे गयाजी जिला के फतेहपुर, टनकुप्पा , वजीरगंज , अतरी , मोहडा़ सहित अन्य प्रखंडों के खेतों में बारिश के समय पानी रहने से सिचाई होती हैं अन्यथा अन्य समय में पूरी तरह सुखी रहती है। जबकि दूसरा पूरब की ओर सिर्फ नहर का मुहाना बनाया गया है, जहां से नहर निकाल नवादा ले जाना था, जिसके लिए 10 किलोमीटर का खुदाई भी हुआ वो अभी पूरी तरह भर गया है जो कहीं दिखता भी नहीं।
नेताओं ने बिहार एवं झारखंड सरकार के बीच वर्षों से पानी की समस्या के समाधान हेतु इंटर स्टेट वाटर डीसप्यूट एक्ट के केंद्रीय ट्रिब्यूनल में 2018 से दिए गए आवेदन पर यथा शीघ्र विचार कर तिलैया जलाशय से ढाढर नदी में पानी गिरने की मांग को लेकर महामहिम राज्यपाल बिहार, मुख्यमंत्री, केंद्रीय जल संसाधन मंत्री, नई दिल्ली, जल संसाधन मंत्री, बिहार सरकार, जिला अधिकारी गयाजी एवं अंचल अधिकारी फतेहपूर को विस्तृत ज्ञापन देने का काम किया।
