सीआरपीएफ 47वीं वाहिनी ने मनाया शौर्य दिवस, शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि
DHIRAJ.
कमांडेंट अवधेश कुमार ने किया शहीदों को नमन.
गया। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 47वीं वाहिनी के जवानों ने जेल परिसर स्थित अपने मुख्यालय में शौर्य दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया। इस अवसर पर कमांडेंट अवधेश कुमार ने बटालियन क्वार्टर गार्ड पर सलामी ली और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कमांडेंट ने कहा कि 9 अप्रैल का दिन सीआरपीएफ के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्ष 1965 में इसी दिन गुजरात के कच्छ क्षेत्र स्थित सरदार पोस्ट पर तैनात सीआरपीएफ की एक छोटी टुकड़ी ने पाकिस्तान की लगभग 3000 सैनिकों वाली इन्फेंट्री ब्रिगेड के हमले का वीरतापूर्वक सामना किया था।
उन्होंने बताया कि सीमित संसाधनों और कम संख्या के बावजूद जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया और उनके मंसूबों को विफल कर दिया। इस भीषण संघर्ष में सीआरपीएफ के जवानों ने 34 दुश्मन सैनिकों को मार गिराया तथा 4 को जीवित पकड़ लिया। हालांकि, इस दौरान 8 जवान वीरगति को प्राप्त हुए और 19 जवानों को बंदी बना लिया गया था।यह घटना भारतीय सुरक्षा बलों के इतिहास में वीरता और पराक्रम की अद्वितीय मिसाल मानी जाती है। कार्यक्रम के दौरान सैनिक सम्मेलन का भी आयोजन किया गया।इस अवसर पर डिप्टी कमांडेंट उत्तम कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे। सभी ने शहीदों की वीर गाथाओं को स्मरण करते हुए देश सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
