गया शहर के नूतन नगर तालाब पर अतिक्रमण, अवैध निर्माण से अस्तित्व पर मंडरा रहा खतरा

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DHIRAJ.

बिना कागजात के बने 100 पक्का मकान

गया: बिहार के गया शहर में स्थित नूतन नगर तालाब इन दिनों अतिक्रमण की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। वार्ड संख्या 36 के नूतन नगर गधई टोली क्षेत्र में फैला यह ऐतिहासिक जलस्रोत धीरे-धीरे अवैध कब्जों की भेंट चढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि भू-माफिया और प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा तालाब की सरकारी जमीन पर तेजी से पक्के मकानों का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे इसका अस्तित्व संकट में पड़ गया है।

100 से अधिक मकान, लगातार बढ़ता अतिक्रमण

जानकारी के अनुसार तालाब के आसपास अब तक 100 से अधिक मकानों का निर्माण हो चुका है और यह सिलसिला लगातार जारी है। अतिक्रमण का तरीका भी सुनियोजित बताया जा रहा है। पहले लोग अस्थायी रूप से झोपड़ी या लकड़ी के घर बनाते हैं और बाद में धीरे-धीरे उन्हें पक्के मकानों में बदल दिया जाता है। इस तरह सरकारी जमीन पर स्थायी कब्जा जमाने की कोशिश की जा रही है।

जनप्रतिनिधियों ने उठाई आवाज,

कार्रवाई का इंतजार

स्थानीय पार्षद बसंती देवी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अवगत कराया है। इसके बाद अंचल अधिकारी (CO) द्वारा स्थल निरीक्षण भी किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं। वार्ड पार्षद प्रतिनिधि धर्मेंद्र गुप्ता का कहना है कि बिना किसी वैध दस्तावेज के लोग खुलेआम निर्माण कार्य कर रहे हैं, जो प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।

होल्डिंग टैक्स रसीद को बना रहे आधार

अतिक्रमण करने वाले कुछ लोग नगर निगम की होल्डिंग टैक्स रसीद को ही जमीन के स्वामित्व का प्रमाण मान रहे हैं। जबकि नगर निगम पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि होल्डिंग टैक्स की रसीद केवल कर भुगतान का दस्तावेज होती है, न कि मालिकाना हक का प्रमाण। इसके बावजूद इस आधार पर निर्माण कार्य जारी है।

जलनिकासी व्यवस्था पर गहराता संकट

यह तालाब वार्ड संख्या 34, 35 और 36 के लिए जलनिकासी का प्रमुख साधन रहा है। इलाके के घरों से निकलने वाला पानी इसी तालाब में पहुंचता है। ऐसे में यदि तालाब पूरी तरह भर गया या समाप्त हो गया, तो जलजमाव की समस्या विकराल रूप ले सकती है। खासकर बरसात के मौसम में स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से इस अवैध निर्माण पर तुरंत रोक लगाने और तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह महत्वपूर्ण जलस्रोत पूरी तरह समाप्त हो जाएगा और सरकारी जमीन पर कब्जा स्थायी रूप ले लेगा। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कब तक प्रभावी कार्रवाई करता है और नूतन नगर तालाब को बचाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।