बिहार अनुसचिवीय कर्मियों की 10 सूत्री मांगे जायज है सरकार को वार्ता करने के पूर्व बात मान लेनी चाहिए- सत्येंद्र कुमार

विश्वनाथ आनंद .
औरंगाबाद (21 अगस्त 2025):– “बिहार अनुसचिवीय कर्मियों की सभी 10 सूत्री मांगें जायज हैं जिन्हें सरकार को तुरंत मान लेनी चाहिए । इन मांगों की पूर्ति के लिए कर्मियों को हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है जिन्हें सरकार को संघ/महासंघ से वार्ता कर के पहले ही मान लेना चाहिए था !”- उक्त बातें आज यहां औरंगाबाद जिला मुख्यालय में हड़ताली अनुसचिवीय कर्मियों के धरना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महासंघ(गोप गुट) के जिला सचिव सत्येन्द्र कुमार ने कही । उन्होंने कहा कि अनुसचिवीय कर्मियों के इस आंदोलन के साथ महासंघ(गोप गुट) चट्टान की तरह तब तक खड़ा रहेगा जब तक उक्त मांगें पूरी न हो जाती हैं ।आज के इस धरना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महासंघ(गोप गुट) के जिला अध्यक्ष रामइशरेश सिंह ने कहा कि बिहार की नीतीश कुमार की सरकार राज्य कर्मियों के प्रत्येक आंदोलन के खिलाफ सिर्फ तानाशाही रवैया अपनाती रही है तथा कभी भी कर्मियों के प्रतिनिधियों के साथ सम्मानजनक तरीके से वार्ता कर के हमारी जायज मांगों की पूर्ति के लिए प्रयास नहीं करती है ; जिसके कारण मजबूरी में कभी कर्मचारी तो कभी शिक्षक अथवा अन्य कर्मी हड़ताल और आन्दोलन में उतरते रहते है । फ़लतः आम जनहित के कार्य बाधित होते रहते हैं । उन्होंने कहा कि इस बार यह सरकार यदि अपने पुराने रवैये पर ही कायम रहती है तो इसे सबक सिखाने के लिए इस आंदोलन को इतना जुझारू रूप दिया जाएगा कि यह सरकार भी अन्य जन-विरोधी पूर्ववर्ती सरकारों की तरह ही इतिहास के कूड़ेदान में चली जाएगी ! इसी दिशा में संघ ने अपना एक कदम आगे बढ़ाते हुए आगामी 25 अगस्त 2025 को पटना में राज्य कर्मियों का एक विशाल प्रदर्शन कार्यक्रम की घोषणा की है जिसमें पूरे बिहार के हजारों राज्यकर्मी भाग लेंगे । उक्त प्रदर्शन में औरंगाबाद जिला से भी बड़ी संख्या में भाग लेने के लिए पटना जायेंगे ।
इस सभा में हड़ताल से संबंधित एक मांग प्रस्ताव भी पारित किया गया जिसमें समाहरणालय के लिपिकीय संवर्ग के पद-सोपान एवं ग्रेड-पे में वांछित संशोधन कर नए शिरे से पद-सोपान एवं ग्रेड-पे तय करने, MACP के बदले अगले ग्रेड के पद-सोपान के अनुसार वेतन निर्धारित करने,अत्यधिक कार्यबोझ को देखते हुए अभियान चलाकर नई बहाली के द्वारा पूरे राज्य के कार्यालयों के कार्यबल में वृद्धि करने, चिकित्सा प्रतिपूर्ति की अनुमानित प्राक्कलित राशि का 75% अग्रिम भुगतान की व्यवस्था करने,पूर्व की भांति केंद्र के अनुरूप राज्य कर्मियों को प्रतिवर्ष बोनस भुगतान करने,कर्मियों के लिए पचास लाख का दुर्घटना बीमा का प्रावधान करने, समाहरणालय संवर्ग के कर्मियों को पूर्व की भांति जिला कैडर में ही बनाए रखने,इत्यादि प्रमुख मांगें हैं । इस सभा में उपस्थित कर्मियों ने यह संकल्प किया कि इन 10-सूत्री मांगों की पूर्ति के लिए सभी लोग राज्य स्तर से लेकर डिवीजन स्तर तक अपना धारावाहिक और जुझारू आन्दोलन तब तक जारी रखेंगे जबतक उपर्युक्त मांगे पूरी नहीं हो जाती !इस सभा की अध्यक्षता संघ के औरंगाबाद अध्यक्ष भगवान पासवान ने की जबकि संचालन संघ के न्याज़ अहसान अंसारी ने किया । इनके अलावा इस सभा को यूनियन के कोषाध्यक्ष – राहुल कुमार, उपाध्यक्ष- जितेन्द्र कुमार, संयुक्त सचिव – ज्ञानेन्द्र कुमार,कार्यालय सचिव सतीश कुमार,कार्यकारी अध्यक्ष- पिकेश कुमार ने भी संबोधित किया । इनके अलावा इस सभा में संघ के अनिल कुमार,विजय कुमार,चंदन कुमार रंजन,मो आबिद,मनीष कुमार,राजीव कुमार,जुबैर आलम फिरदौसी,नीतीश कुमार सिंह, सत्येन्द्र कुमार,प्रीतम कुमार,देवराज कुमार,रवि कुमार,अमित कुमार भास्कर,रामजी पासवान,आलोक कुमार,इत्यादि सैकड़ों कर्मी भी इस सभा में मौजूद रहे ।