आस्था के महापर्व छठ का समापन: फल्गु के तट पर उमड़ा जनसैलाब

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DHIRAJ.

​गया। लोक आस्था के चार दिवसीय महापर्व छठ का समापन बुधवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही अत्यंत श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। मोक्ष की भूमि गया में फल्गु नदी के विभिन्न घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। आस्था के इस संगम में जाने-माने पत्रकार रौशन कुमार की बहन और उनकी चचेरी सास रूबी देवी ने भी पूरी पवित्रता के साथ भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया और परिवार व समाज की खुशहाली की कामना की। ​भक्ति और व्यवस्था का संगम
​छठव्रतियों के साथ भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के कारण फल्गु के घाटों पर अपार भीड़ देखने को मिली। हर तरफ ‘कांच ही बांस के बहंगिया’ और ‘उग हो सुरुज देव’ जैसे पारंपरिक गीतों से माहौल भक्तिमय बना रहा। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं ने सूर्य देव से सुख, समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना की।​प्रशासनिक मुस्तैदी की सराहना
​जिला प्रशासन और नगर निगम की ओर से इस वर्ष सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर विशेष प्रबंध किए गए थे।

नगर निगम द्वारा घाटों की व्यापक सफाई के साथ-साथ महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम और पूरे मार्ग में रोशनी की समुचित व्यवस्था की गई थी। ​पत्रकार रौशन कुमार ने व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि, “इस वर्ष जिला प्रशासन का कार्य सराहनीय रहा है। हर साल की भांति इस बार भी घाटों पर सुरक्षा और सुविधा का बेहतर तालमेल देखने को मिला, जिससे दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं को काफी सहूलियत हुई।” ​ग्रामीण क्षेत्रों की ओर ध्यान देने की अपील ​वहीं, इस मौके पर उपस्थित समाजसेवी अंकित कुमार उर्फ छोटू ने अपने गांव की व्यवस्थाओं की सराहना की, लेकिन साथ ही प्रशासन के समक्ष एक महत्वपूर्ण सुझाव भी रखा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार शहरी क्षेत्रों के घाटों का सौंदर्यीकरण और प्रबंधन किया जाता है, उसी तर्ज पर ग्रामीण इलाकों के जलाशयों और घाटों का भी विशेष ख्याल रखा जाना चाहिए। उन्होंने आग्रह किया कि भविष्य में प्रशासन गांवों में भी वैसी ही अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराए जैसी शहरों में दी जाती हैं।​मुख्य विशेषताएं: ​सुरक्षा: चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती रही।​स्वच्छता: नगर निगम की टीमों ने निरंतर घाटों को साफ रखा। ​सुविधा: व्रतियों के लिए बनाए गए अस्थाई टेंट और बैरिकेडिंग से भीड़