आईआईएम बोधगया के गौरवमयी 10 साल, भारतीय डाक ने जारी किया विशेष डाक आवरण

WhatsApp Image 2026-02-21 at 4.57.33 PM

-एक छोटे से प्रारंभिक बैच से शुरू होकर आज यह संस्थान राष्ट्रीय स्तर के प्रबंधन शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित हुआ है, जो बिहार में क्षमता निर्माण और विकास को गति दे रहा है।
विश्वनाथ आनंद .
गया जी (बिहार )-डाक विभाग ने गया में आयोजित जिला स्तरीय डाक टिकट प्रदर्शनी बोधीपेक्स-2026 के दौरान भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) बोधगया के उत्कृष्ट 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक विशेष स्मारक लिफाफा जारी किया। यह विशेष आवरण संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। साथ ही यह बिहार की बढ़ती पहचान को भी दर्शाता है, जो आज आधुनिक प्रबंधन शिक्षा और बौद्धिक नेतृत्व का एक उभरता हुआ केंद्र बन रहा है। बताते चलें कि पिछले दस वर्षों में आईआईएम बोधगया ने लगभग 30 छात्रों के पहले बैच से शुरुआत की थी। आज यह संस्थान 1,600 से अधिक छात्रों वाले एक सशक्त ऑन-कैंपस शैक्षणिक समुदाय के रूप में विकसित हो चुका है। यहाँ देश के 280 से अधिक शहरों से छात्र आते हैं, जो इसकी बढ़ती राष्ट्रीय पहचान को दर्शाता है। संस्थान ने बिहार के प्रबंधन शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यहाँ विविध प्रतिभाओं को अवसर दिया जाता है, शोध आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जाता है और शिक्षा जगत तथा उद्योग जगत के बीच मजबूत संबंध बनाए जाते हैं।

आज आईआईएम बोधगया कई प्रकार के कार्यक्रम संचालित करता है, जैसे एमबीए, डिजिटल बिजनेस मैनेजमेंट में एमबीए, हॉस्पिटल और हेल्थकेयर मैनेजमेंट में एमबीए, इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट, पीएचडी और एग्जीक्यूटिव एमबीए। ये सभी कार्यक्रम विद्यार्थियों और पेशेवरों को उनके करियर के अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ने का अवसर देते हैं।अपने मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम्स (MDPs) और मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम (CMFS) के माध्यम से आईआईएम बोधगया अपनी भूमिका कक्षा से बाहर भी निभा रहा है। यह संस्थान प्रशासन और जनसेवा के क्षेत्र में भी सक्रिय योगदान दे रहा है। संस्थान ने बिहार पुलिस अकादमी के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए हैं और राज्य भर के कई अधिकारियों व कर्मियों को प्रशिक्षण दिया है, जिससे नेतृत्व और प्रशासनिक क्षमता मजबूत हुई है। आईआईएम बोधगया विशेष कार्यकारी कार्यक्रम भी संचालित करता है। इनमें “लीडरशिप इन ए वूका वर्ल्ड” जैसे अंतरराष्ट्रीय एमडीपी शामिल हैं। साथ ही, यह अंतरराष्ट्रीय शोध सम्मेलन ऑन माइंडफुलनेस (IRCM) का आयोजन भी करता है, जहाँ नेतृत्व, मानसिक संतुलन और प्रबंधन पद्धतियों पर चर्चा होती है। सरकार और उद्योग जगत के साथ निरंतर सहयोग के माध्यम से आईआईएम बोधगया बिहार में क्षमता निर्माण और सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
यह स्मारक डाक आवरण इस बात को दर्शाता है कि भारतीय डाक राष्ट्रीय महत्व की उपलब्धियों को संजोने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। साथ ही, यह हमारी साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जो विरासत, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण को जोड़ती है।